पीएम के क्षेत्र बनारस में संघ-भाजपा को मिली करारी हार

पीएम के क्षेत्र बनारस में संघ-भाजपा को मिली करारी हार

नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र बनारस में फिर संघ-भाजपा को बड़ा झटका लगा है। संपूर्णानंद संस्कृत विवि छात्र संघ चुनाव में विद्यार्थी परिषद सभी सीटें हार गईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र बनारस ने पहले काशी विद्या पीठ और अब संपूर्णानंद संस्कृत विवि छात्र संघ चुनाव में भाजपा को भारी झटका दिया है। फरवरी में काशी विद्यापीठ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सफाया हो गया था। वहां सपा के विमलेश यादव यादव ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी। अन्य पदों पर कांग्रेस के छात्र संगठन ने जीत हासिल की थी।

अब बनारस के संपूर्णानंद संस्कृत विवि छात्र संघ में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने अध्यक्ष सहित सभी पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के कृष्ण मोहन शुक्ला, उपाध्यक्ष पद पर अजीत चौबे, महामंत्री पद पर शिवम चौबे और पुस्तकालय मंत्री पद पर आशुतोष कुमार मिश्र विजयी रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यहां लगातार दूसरे चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी। अध्यक्ष पद पर कृष्णमोहन शुक्ला ने अजय दुबे को 136 मतों से हराया।

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एनएसयूआई के छात्रों ने परिणाम की घोषणा के बाद जमकर जश्न मनाया। स्टूडेंट्स यूनियन के चुनाव में कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई की जीत से राज्य में विपक्षी दलों के हौसले मजबूत हुए हैं।

एक तरफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन ने भाजपा की नींद उड़ा रखी है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कॉलेज और विवि भी भाजपा विरोधी हवा का संकेत दे रहे हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में बनारस छात्र राजनीति का केंद्र रहा है। यहां भाजपा समर्थित विद्यार्थी परिषद की हार के खास मायने हैं। इसका अर्थ है कि यूपी का युवा वर्ग भाजपा की नीतियों से कफा है। इससे पहले रोजगार के सवाल पर भी उत्तर प्रदेश के युवाओं ने लगातार आवाज उठाई है। कोरोना के बावजूद रोजगार के सवाल पर लगातार मुखर रहे हैं।

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