PM के सेल्फी बूथ की कीमत बतानेवाले अधिकारी पर गिरी गाज

PM के सेल्फी बूथ की कीमत बतानेवाले अधिकारी पर गिरी गाज

PM के सेल्फी बूथ की कीमत बतानेवाले अधिकारी पर गिरी गाज। बिना कारण बताए किया गया तबादला। राहुल गांधी ने कहा-शहंशाह की रज़ा, सच का इनाम सज़ा!

केंद्र की मोदी सरकार ने बड़े धूमधाम से देशभर के रेलवे स्टेशनों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर प्रधानमंत्री मोदी की 3 डी सेल्फी प्वाइंट की शुरुआत की थी। पिछले दिनों आरटीआई के जरिये पूछे गए एक सवाल के जवाब में एक रेलवे अधिकारी ने खर्च की जानकारी दी। एक सेल्फी प्वाइंट पर सरकार का सवा छह लाख रुपए खर्च हुआ। इस जानकारी के बाद में विपक्ष ने मोदी सरकार के इस निर्णय की खूब आलोचना की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि यह देश के टैक्सपेयर के पैसों की बर्बादी है। अब खबर है कि सेल्फी प्वाइंट के खर्च की जानकारी देनेवाले अधिकारी का तबादला कर दिया गया है।

सेंट्रल रेल के मुख्य जन संपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिवराज मानसपुरे का तबादला कर दिया गया है। इन्होंने ही आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में खर्च का खुलासा किया था। इनका तबादला करते हुए कोई कारण भी नहीं बताया गया है। हद तो यह है कि 16 दिसंबर को मानसपुरे को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ 2023 से भी सम्मानित किया गया था। इसका अर्थ है कि वे अपनी ड्यूटी बेहतर तरीके से निभा रहे थे। इनकी जगह दूसरी अधिकारी स्वनिल डी निला का पदस्थापन किया गया है। इस खबर के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- शहंशाह की रज़ा, सच का इनाम सज़ा! इसी के साथ सोशल मीडिया में अनेक लोगों ने उक्त अधिकारी के तबादले की आलोचना की है।

हाल में प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ सेल्फी प्वाइंट फिर तब चर्चा में आया, जब लाखों खर्च के बाद इस प्वाइंट पर फर्श पर रात में सोते यात्रियों की तस्वीरें वायरल हुईं। इसके बाद एक बार फिर से सेल्फी प्वाइंट के औचित्य पर सवाल उठा।

कांग्रेस ने कहा कि पिछले दिनों RTI से मोदी सरकार के फिजूलखर्च की एक जानकारी सामने आई। इसमें बताया गया कि रेलवे स्टेशन पर PM मोदी के जो सेल्फी पॉइंट बने हैं, उनकी कीमत 6.25 लाख है। एक सेल्फी पॉइंट 6.25 लाख का। यह जानकारी बाहर आते ही मोदी सरकार के फिजूलखर्च की चर्चा होने लगी। अब मोदी सरकार ने इसपर सख्त कदम उठाया है। जिस अधिकारी ने RTI से यह जानकारी दी, उसका ट्रांसफर कर दिया गया है। सच बोलने की सजा तो मिलनी थी।

सजा दे दी गई।जदयू ने लोकसभा चुनाव के लिए एक सीट पर प्रत्याशी घोषित किया