जनसंख्या वृद्धि दर पर धार्मिक उन्माद को हवा दे रही BJP : JDU

जनसंख्या वृद्धि दर पर धार्मिक उन्माद को हवा दे रही BJP : JDU

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि भाजपा जनसंख्या वृद्धि दर की आड़ में धार्मिक उन्माद पैदा करना चाहती है।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह पूर्व मंत्री नीरज कुमार एवं प्रवक्ता अरविन्द निषाद ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल अपने एक झूठ को सही साबित करने के लिए और कितनी फजीहत करवाएंगे। जब जनसंख्या वृद्धि दर पर उनके झूठ का पर्दाफाश हो गया है तो उन्होंने एक बार फिर जन्म दर का हवाला देकर धार्मिक उन्माद को हवा देने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि लड़कियों की शिक्षा पर जोर देकर बिहार में प्रजनन दर को कम करने में सफलता मिली है। आज बिहार में प्रजनन दर घट कर 3 पर आ गई है और सरकार इसे दो पर लाने के लिए काम कर रही है।

प्रवक्ताओं ने कहा कि वो किशनगंज और अररिया में विश्व में सर्वाधिक बच्चे पैदा होने अर्थात किशनगंज और अररिया का जन्म दर सर्वाधिक होने की बात कहते हुए एक रिपोर्ट का स्क्रीन शाॅट ट्वीट किया है। हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया की यह रिपोर्ट कहाँ की है, पर हम बताते हैं कि वह स्क्रीन शाॅट कहाँ का था। उस रिपोर्ट का नाम है ‘फर्टिलिटी एटडिस्ट्रिक्ट लेबल इन इण्डिया, लेशंस फ्राम दी 2011 सेन्सस’, जिसे लिखा है क्रिस्टोफ जेडग्यूमोटो और इरुद्या राजन ने जो सेंटर पापुलेशन एंड डेवलपमेंट जून 2013 में प्रकाशित किया गया था। जायसवाल जी उसी रिपर्ट में पढ़ सकते थे कि बिहार में ही अररिया का जन्म दर और प्रजनन दर दोनों खगड़िया से कम है। साथ ही हरीयाणा के मेवात जिले का प्रजनन दर व जन्म दर किशनगंज और अररिया से अधिक है और वर्ष 2001 और 2011 के दौरान बढ़ा भी है।

इसी प्रकार मेघालय के जन्तिया पहाड़ी और पश्चिमी खासी पहाड़ी जिले की जन्म दर और प्रजनन दर दोनों बिहार के सभी जिलों से अधिक है। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले का जन्म दर भी बिहार के सभी जिलों से अधिक है। अब या तो उन्होंने रिपोर्ट पढ़ी नहीं है या फिर जान बुझकर उन्माद फैलाने के लिए एक खास समुदाय के बाहुल्य जिले के बारे में अफवाह फैला रहे हैं।

प्रवक्ताओं ने भाजपा के झूठ और यूटर्न की चर्चा करते हुए कहा कि इन्होंने जातिगत जनगणना और जनसंख्या नियन्त्रण कानून पर लगातार यूटर्न लिया साथ ही बढ़ती जनसँख्या के लिए मुस्लिमों को जिम्मेवार ठहराते हैं।

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