प्रशांत किशोर बिहार में बनाएंगे पार्टी, JDU को क्यों लगी मिर्ची

प्रशांत किशोर बिहार में बनाएंगे पार्टी, JDU को क्यों लगी मिर्ची

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपना राजनीतिक प्रयोग बिहार से शुरू करेंगे। नई पार्टी बनाएंगे। JDU को क्यों लगी मिर्ची? भाजपा भी परेशान।

चार साल पहले जदयू में नीतीश कुमार के बाद नंबर दो नेता रह चुके चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज अपना राजीनित प्रयोग शुरू करने का एलान कर दिया। वे अपना राजनीतिक प्रयोग बिहार से शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने आज ट्वीट करके कहा कि अब समय आ गया है कि असली मालिक (जनता) के बीच पहुंचा जाए। वे जन सुराज ऑर्गनाइजेशन की शुरूआत और आगामी योजना की घोषणा 5 मई को करेंगे। प्रशांत किशोर की घोषणा से जदयू को मिर्ची लग गई। राजद ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन भाजपा की परेशानी झलक गई है।

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के पार्टी बनाने और बिहार से शुरुआत करने पर कहा-बिहार में हर चौक-चौराहे पर पार्टियां मिलती हैं। इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि जदयू को प्रशांत किशोर का बिहार में राजनीतिक प्रयोग करना बिल्कुल नहीं भाया।

आखिर इसकी क्या वजह हो सकती है? इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रशांत किशोर सबसे ज्यादा नुकसान जदयू को ही पहुंचाएंगे। जदयू बीच की पार्टी है। मध्यमार्गी दल है। कहने को वह सामाजिक न्याय के साथ भी है और कभी भाजपा के सुर-में सुर मिलाती भी दिखती है, लेकिन दरअसल वह मध्यमार्गी, लिबरल स्पेस की पार्टी है। इसीलिए एक सीमा के बाद वह भाजपा से दूरी भी दिखाने लगती है। प्रशांत किशोर भी बिहार की दो मजबूत राजनीतिक धाराओं-सामाजिक न्याय और हिंदुत्व की धारा को तत्काल उतना नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, जितना जदयू को।

प्रशांत किशोर का जोर युवा वर्ग पर होगा। नए उद्यमी पर होगा। छात्रों और महिलाओं खासकर लड़कियों पर होगा। जो भाजपा का अतिवाद पसंद नहीं करते और जिन्हें सामाजिक न्याय के साथ चलने में भी परेशानी है, प्रशांत किशोर का टारगेट वही वर्ग होगा। वे स्वाभाविक है, वे जदयू के ही आधार को अपनी तरफ खींचेंगे। इसलिए नीरज कुमार की परेशानी, उनके व्यंग्य को समझा जा सकता है।

मुद्दे के तौर पर प्रशांत किशोर रोजगार, शिक्षा, महिला अधिकार तथा नए आंत्रप्रेन्योर के सवालों पर जोर देंगे। वे बिहार को आगे बढ़ाने और विकास का नया प्रारूप भी देने की कोशिश करेंगे। यह भी तत्काल जदयू को परेशान करेगा और उनके आधार में ही बंटवारा करेगा।

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