प्रेमचंद से डरे भाजपा के दिग्गज, नहीं किया याद

प्रेमचंद से डरे भाजपा के दिग्गज, नहीं किया याद

कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती पर हिंदीप्रेमी उन्हें याद कर रहे। पीएम मोदी से बिहार के मोदी तक किसी ने नहीं किया याद। राहुल, तेजस्वी, अखिलेश ने क्या कहा?

हिंदी के सबसे बड़े लेखक कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की आज जयंती है। सोशल मीडिया में दिनभर लोग उन्हें याद करते रहे। उनके उपन्यासों, कहानियों की चर्चा करते रहे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से लेकर बिहार के सुशील मोदी तक किसी ने प्रेमचंद के लिए दो शब्द तक नहीं कहे।

प्रेमचंद का पूरा साहित्य सांप्रदायिकता के खिलाफ है। उनकी कहानियों के केंद्र में राजा-रानी नहीं हैं, बल्कि दलित, गरीब, किसान और आम आदमी है। वे कहानियों के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम में टकराव की राजनीति करने वालों पर करारा हमला करते हैं। उनका पूरा साहित्य सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे, ईमानदारी, कर्तव्य जैसे मानवीय मूल्यों को स्थापित करता है।

महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी। बेहद गरीबी में उनके दिन बीते, लेकिन अपने विचारों, मूल्यों से कभी उन्होंने समझौता नहीं किया। इसीलिए उन्हें उनकी जयंती पर याद करना सबके बस की बात नहीं। जो सांप्रदायिक राजनीति करते हैं, उनके लिए तो प्रेमचंद दुश्मन ही हैं।

आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा नेता अखिलेश यादव ने प्रेमचंद को याद करते हुए बस एक-एक लाइन ट्वीट किया। दोनों के ट्वीट प्रधानमंत्री मोदी और पूरी भाजपा के खिलाफ तीखा हमला करते हैं। राहुल गांधी ने कहा-

“आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन उसका ग़ुरूर है।” – मुंशी प्रेमचंद

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया- सत्य की एक चिंगारी असत्य के एक पहाड़ को भस्म कर सकती है।” आम आदमी के साहित्याकार मुंशी प्रेमचंद जी की जन्म जयंती पर सादर नमन।

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बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा- सीधे सरल शब्दों से गम्भीर विचारों के सागर में पाठकों को गोते लगवा देने में निपुण, असहाय निर्धन समाज की व्यथा को अपने उपन्यासों के माध्यम से संभ्रांत समाज तक पहुंचा देने वाले महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद जी को उनकी जयंती पर नमन।

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