प्रस्तावित आरओबी निर्माण में रंग लाई एपी पाठक की मेहनत

प्रस्तावित आरओबी निर्माण में रंग लाई एपी पाठक की मेहनत

2015 में बगहां में दो आरओबी के निमार्ण हेतु तत्कालीन संयुक्त सचिव, भारत सरकार एपी पाठक की पहल और मेहनत रंग लाई। उनके प्रयास से जल्द शुरू होगा निर्माण।

2015 में बगहां में दो आरओबी के निमार्ण हेतु तत्कालीन संयुक्त सचिव, भारत सरकार एपी पाठक की पहल और मेहनत रंग लाई। एपी पाठक की पहल से तब सी ई टेस्टिंग कंपनी को डीपीआर का जिम्मा मिला। उस वक्त एनएच के अधिकारी एपी पाठक के सहयोग से 5/1/2015 को बाबु धाम ट्रस्ट के बगहां प्रभारी पपलु पांडेय के नेतृत्व में बगहा गंतव्य स्थान पर जाकर सर्वेक्षण किए और डीपीआर बनाई।

एपी पाठक के प्रयास से उस वक्त सर्वेक्षण में एक 91 वें किलोमीटर और दुसरा 94 वें किलोमीटर पर आरओबी स्वीकृत हुआ जो चार बार टेंडर होने के बाद भी राजनीतिक और तकनीकी कारणों से फाइनल नहीं हुआ । इन दोनों आरओबी का टेंडर पांचवी बार में फाइनल होकर किलोमीटर 91 का छपरा की कंपनी और किलोमीटर 94 का छत्तीसगढ़ की कंपनी को मिला और वर्क ऑर्डर भी हो गया।

टेंडर होने के बावजूद काम शुरु नहीं होने पर एपी पाठक जी ने एनएच मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता नौशाद अली जी से बात किया तो उन्होंने भू अधिग्रण की समस्या का हवाला दिया जिसपर तुरंत एपी पाठक ने भू अर्जन पदाधिकारी अनिल राय और जिला पदाधिकारी से बात किया तो उक्त पदाधिकारीयों ने एपी पाठक जी को आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह तक संबंधित कास्तकारों को भुगतान कर और अन्य समस्या का समाधान कर लिया जाएगा फलस्वरुप आरओबी निर्माण का कार्य अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा।

साथ ही एनएच कार्यपालक अभियंता नौशाद अली ने एपी पाठक को आरओबी निर्माण में रेलवे गुमटी शिफ्टिंग की भी समस्या बताया जिसका समाधान हेत एपी पाठक जी ने हाजीपुर मंडल रेलवे आधिकारियों से बात कर आग्रह किया ।
अतः अब पाठक जी के प्रयास से जल्द आरओबी निर्माण शुरू होगा।

ज्ञातव्य हो कि बगहा आरओबी के अलावा हरीनगर , नरकटियागंज आरओबी भी बनवाने का श्रेय एपी पाठक को जाता है। ज्ञातव्य हो कि चंपारण में आधारभूत संरचना की विकास हेतु एपी पाठक ने बहुत काम किए। एनएच 727, पुल और सड़के बनवाना, किसानों के पटवन के लिए व्यवस्था,अपने जमीन में हाई स्कूल का निर्माण, पाइन बनवाना और एसएसबी कैंप की स्थापना का श्रेय भी एपी पाठक को जाता है। एपी पाठक जब गृह मंत्रालय में थे तब उन्होंने चंपारण में एसएसबी कैंप की स्थापना करवाया।

आज बगहा आरओबी निर्माण के सिलसिला में संवाददाताओे ने जब चंपारण के कुछ बुजुर्गों और युवाओं से पुछा तो उन लोगों ने एपी पाठक को धन्यवाद दिया और 2015 की यादों को विस्तृत से चर्चा करने लगे जो अब साकार होता दिख रहा है।

शायद अकेली ताई मां बोलीं-होली में पर्यावरण नहीं, क्रोध नष्ट करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*