पंजाब में किसानों के आक्रोश से रैली रद्द करने पर मजबूर हुए मोदी

पंजाब में किसानों के आक्रोश से रैली रद्द करने पर मजबूर हुए मोदी

ठंड में भी कम नहीं हुई किसान आंदोलन की आंच। प्रधानमंत्री की रैली में नहीं आए लोग। दूर-दूर तक खाली-खाली कुर्सियां। रैली रद्द करने को मजबूर हुए मोदी।

कुमार अनिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की परीक्षा आज पंजाब में थी। वे अरसे बाद फिरोजपुर में रैली करने पहुंचे। सभा स्थल पर कुर्सियों का पूरा इंतजाम था, लेकिन लोग बिल्कुल नहीं आए। सोशल मीडिया पर खाली-खाली कुर्सियों वाली तस्वीरों की भरमार है। इक्के-दुक्के लोग खड़े दिख रहे है। कुछ ने छाता निकाल रखा है। पहले गोदी मीडिया ने खबर चलाई कि मौसम खराब होने के कारण रैली रद्द कर दी गई। थोड़ी देर बाद एएनआई ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई, इसलिए रैली रद्द की गई। इसके बाद मीडिया का सुर बदल गया।

भाजपा के सारे बड़े नेता पंजाब की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उसने सुरक्षा के सही इंतजाम नहीं किए, जबकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए विशेष दक्ष जवान रहते हैं। सभा स्थल और आसपास राज्य सरकार सुरक्षा के इंतजाम करती है। कांग्रेस प्रवक्ता सूरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में दस हजार जवान लगाए गए थे।

इसी के साथ सोशल मीडिया पर मामला ट्रेंड करने लगा। प्रधानमंत्री के पक्ष में #BharatStandsWithModiJi चल रहा है, जिस पर 53 हजार ट्वीट हैं। प्रधानमंत्री के विरोध में #GoBackModi के साथ दो लाख ट्वीट हो चुके हैं। किसान एकता मोर्चा ने गो बैक मोदी हैशटैग के साथ लिखा- साफ-साफ समझ लीडिए। इसकी वजह किसानों के दीर्घकालिक आंदोलन और पंजाह के लोगों का प्रतिवाद है, जिसके कारण मोदी को रैली रद्द करनी पड़ी। पंजाबी अवाम की नकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण रैली रद्द करनी पड़ी।

गो बैक मोदी के साथ ट्वीट करनेवालों में किसान आंदोलन के समर्थक सर्वाधिक हैं। उन्होंने किसानों पर अत्याचार की पुरानी तस्वीरें साझा की हैं।

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