राफेल जेट दलाली:राहुल के हमले से अम्बानी का नाटक बेनकाब, मात्र 5 लाख रु की दस दिन पुरानी कम्पनी से किया करामात

राफेल फाइटर जेट खरीद में दलाली पर अपना नाम घसीटे जाने से दुखी अनिल अम्बानी ने राहुल को इमोशनल चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी में गांधी परिवार से अपने पारम्परिक रिश्तों का वास्ता दिया था और बताया था कि उनकी कम्पनी का राफेल सौदे से कोई लेना देना नहीं है.

नौकरशाही मीडिया

अम्बानी की यह एमोशनल चिट्ठी के जवाब में राहुल ने थोड़ी भी नरमी नहीं बरती और वह अपने आरोपों पर कायम हैं. उधर नेशनल हेराल्ड ने अम्बानी की कम्पनी के बारे में जो रहस्योद्घाटन किया है उससे अनिल अम्बानी का छीछालेदर हो गया है.

 

मिनिस्टरी ऑफ कार्पोरेट अफेयर के दस्तावेज से अम्बानी की नयी नवेली कम्पनी के बारे में जो सच्चाई सामने आयी है उससे अनिल की उस एमोशनल चिट्ठी की बखिया उधेड़ गयी है. सरकारी दस्तावेज से पता चलता है कि अनिल अम्बानी ने राफेल डील होने के महज दस दिन पहले रिलायेंस डिफेंस लिमिटेड कम्पनी बनाई थी. इतनी ही नहीं इस कम्पनी की मिलकियत मात्र पांच लाख रुपये बतायी गयी थी. राहुल ने आरोप लगाया था कि रिलायेंस एडीजी ग्रूप पर 35 हजार करोड़ का कर्ज था. राफेल डील पक्की हो जाने के बाद उसे 45 हजार करोड़ रुपये की मुरव्वत मिल गयी. राहुल ने यह भी आरोप लगाया था कि एक नयी नवेली कम्पनी( रिलायेंस डिफेंस) जिसकी मिलकियत मात्र पांच लाख रुपये है, और जिसे हवाई जहाज बनाने का कोई अनुभव नहीं, उसे यह सौदा क्यों सौंप दिया गया. जबकि इसके लिए सरकारी क्षेत्र की सबसे कम्पिटेंट कम्पनी हिंदुस्तान एयरोनोटिक्लस की डील को धत्ता बता दिया गया.

ध्यान देने की बात है कि राहुल ने संसद में बजाब्ता अपने भाषण के दौरान अम्बानी का नाम लिये बिना आरोप लगाया था कि 522 करोड़ रुपये के एक फाइटर प्लेन के बदले मोदी सरकार ने 1600 करोड़ रुपये में सौदा तय कर लिया और इससे एक उद्योगपति( अनिल अम्बानी) को फायाद पहुंचाया गया. इसके बाद अम्बानी ने राहुल समेत अनेक कांग्रेसी नेताओ को चिट्ठी लिखी थी और इसमें अपने रिश्तों का एमोशनल कार्ड खेला था. और बताया था कि उनके पिता ने बड़ी मेहनत से रिलायेंस को विकसित किया. उन्हें कोई अनुभव नहीं था बस सिर्फ विजन था. उनके ऊपर लगे आरोपों से वह दुखी हैं.

लेकिन लगता है कि राहुल ने उनपर कोई नरमी नहीं बरती और  ट्विट किया कि अगर आप सूट बूट पहनते हैं आपके ऊपर हजारों करोड़ का कर्ज हो. और आपकी कम्पनी मात्र दस दिन पुरानी हो तब भी आपको 45 हजार करोड़ की डील मिल सकती है.

अम्बानी के इस एमोशनल कार्ड ने लगता है कि खुद उन्ही की कलई खोल दी है. रिलायेंस डिफेंस नाम की उनकी नयी नवेली कम्पनी की जो सच्चाई अब सामने आ रही है उससे लगता है कि एमोशन के चक्कर में अनिल अम्बानी ने अपना सर ओखली में डाल दिया है.

 

 

 

 

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