राकेश टिकैत, पत्रकार राणा अयूब ने यूएस प्रेसिडेंट को भेजा संदेश

राकेश टिकैत, पत्रकार राणा अयूब ने यूएस प्रेसिडेंट को भेजा संदेश

कभी महात्मा गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पत्र लिखा था, अब किसान नेता राकेश टिकैत व पत्रकार राणा अयूब ने अलग-अलग मुद्दों पर यूएस प्रेसिडेंट को भेजा संदेश।

कुमार अनिल

किसान नेता राकेश टिकैत और अमेरिकी अखबार टाइम में लिखनेवाली भारतीय पत्रकार राणा अयूब ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को अलग-अलग मुद्दों पर संदेश भेजा है। ये दोनों संदेश ऐसे समय भेजा गया है, जब अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने कहा कि दुनियाभर में लोकतंत्र पर खतरे हैं। हमें लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने-अपने देश में बचाना होगा। माना जा रहा है कि यह भारत में लोकतंत्र के कमजोर होने पर एक गंभीर टिप्पणी है। यही सवाल राहुल गांधी उठाते रहे हैं।

इसी बीच आज किसान नेता राकेश टिकैत ने तीन कृषि कानूनों और टाइम की पत्रकार राणा अयूब ने असम में अल्पसंख्यक व्यक्ति को फायरिंग में मार देने और उसके शरीर पर डांस करने तथा भारत में लोकतंत्र पर खतरे के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को संदेश भेजा है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाईडेन को टैग करते हुए अंग्रेजी में ट्वीट किया- प्रिय @POTUS, भारत के किसान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतिवाद कर रहे हैं। पिछले 11 महीने में आंदोलन के दरम्यान 700 किसान में शहीद हो चुके हैं। ये काले कानून वापस होने चाहिए, ताकि भारत में किसान और कृषि बच सके। जब आप प्रधानमंत्री मोदी से मिलें, तो कृपया हमारे सवालों पर जरूर बात करें। टिकैत ने #Biden_SpeakUp4Farmers के साथ लिखा है।

उधर, पत्रकार राणा अयूब ने असम में अल्पसंख्यक वर्ग के व्यक्ति को गोली मारने, फिर उसके शरीर पर कूदने जैसी अमानवीय घटना का वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को टैग कर लिखा- क्या दुनिया इस बर्बरता से आंख चुरा सकती है, नरेंद्र मोदी सरकार जिस तरह क्रूरता कर रही है, जिसमें मुसलमानों को बाहरी कह कर स्थापित किया जा रहा है। मुसलमानों को खुलेआम पुलिस के जरिये मारा जा रहा है और एक फोटोग्राफर उस व्यक्ति के शव पर डांस कर रहा है। राणा ने इस ट्वीट को अमेरिकी राष्ट्रपति @POTUS के साथ ही @UN को बी टैग किया है।

राणा अयूब सिर्फ पत्रकार नहीं, समाजसेवी भी हैं। लॉकडाउन और कोविड से पीड़ित लोगों की मदद के लिए वह तत्पर रहीं।

सचमुच दो साल में दुनिया कितनी बदल गई है। दो साल पहले जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में फिर एक बार ट्रंप सरकार का नारा दिया था, तब और अब जबकि अंजना ओम कश्यप ने ढोल बजाते व्यक्ति से पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका आगमन पर कितना एकसाइटमेंट है, तो वह व्यकित शांति से जवाब देता है- उसे मोदी के स्वागत के लिए बुलाया गया है। वह खुद नहीं आया।

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