राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए नशा मुक्ति जरूरी

पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे ने कहा है कि नशा आदमी का सामाजिक, नैतिक पतन कर देता है। आदमी को हैवान बना देता है। ऐसे में राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाना बहुत जरूरी है।

श्री पांडे आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए मादक पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन दोस्ताना सफर और राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान  के द्वारा किया गया था। डीजीपी ने कहा कि शराब मन और बुद्धि पर विपरीत प्रभाव डालता है। उसके कारण समाज में अपराध, हिंसा, बलात्कार की घटनायें बढ़ रही है।

राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेन्द्र मिश्रा ने मादक पदार्थों के सेवन के कारणों और उसके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय में नशा के संबंध में कहा कि मादक पदार्थों का सेवन करने वालों को लेकर समाज में सकारात्मक नजरिया पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग शराब से शुरू करते हैं और मादक पदार्थों के आदि बन जाते हैं। इन्हें नये सोच से फिर समाज के मुख्यधारा में लाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन रेशमा प्रसाद, सचिव, दोस्तानासफर, ट्रांसजेंडर समाजसेवी के द्वारा किया गया।

 

इस कार्यक्रम में राजेश रंजन, सहायक निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय,  कुमार दीपक, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, संतोषी किन्नर, प्रसिद्ध कवि प्रभात सररिज, प्रो. अभय कुमार, प्रो. घनश्याम राय मंच पर मौजूद थे। इस कार्यक्रम में आकांक्षा चित्रांश, संजीव कुमार, मुख्तारूल हक, तनु शर्मा, डिंपल जासमीन, अनुप्रिया सिंह, वीरा यादव, ओसीन, ममीत, राकेश आदि उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत श्रीकांत ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वीणा सिंह ने किया।

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