संत समाज का अल्टिमेटम 5 दिसम्बर तक रविदास धाम की सारी भूमि नहीं मिली, तो देश-व्यापी आंदोलन

संत समाज ने अल्टिमेटम दिया है कि अगर 5 दिसम्बर तक रविदास धाम की सारी जमीन नहीं दी गयी तो देश-व्यापी आंदोलन किया जायेगा.

संत गुरु रविदास मंदिर तुग़लक़ाबाद के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संत समाज की एक बैठक आज आर के पुरम स्थित रविदास धाम में हुई, जिसमें संत समाज ने सरकार द्वारा मंदिर के लिए दी गई 400 वर्ग मीटर भूमि को समाज का अपमान बताते हुए सरकार को संत रविदास के नाम पर राजस्व दस्तावेज़ों में दर्ज सम्पूर्ण 12350 वर्ग गज़ भूमि 5 दिसम्बर तक गुरु रविदास जयंती समारोह समिति को सौंपने की माँग की.

 

संत समाज ने ऐसा ना होने पर संत समाज ने दिसम्बर से देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की घोषणा की. बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के संतों और डेरा प्रमुखों ने हिस्सा लिया.

इस अवसर पर दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेन्स को संत समाज के प्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया. मीडिया को सम्बोधित करते हुए संत गुरु रविदास धाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुखदेव वाघमारे महाराज ने कहा कि सरकार ने पहले संत शिरोमणि गुरु रविदास धाम, तुग़लक़ाबाद को तोड़ कर गुरु रविदास का अपमान किया और अब वह संत गुरु रविदास को मिली ऐतिहासिक भूमि और राजस्व दस्तावेज़ों में दर्ज 12350 वर्ग गज़ ज़मीन को हथिया कर केवल 400 वर्ग मीटर भूमि देना चाहती है, जिसे संत गुरु रविदास में आस्था रखने वाले कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश स्थित गुरु रविदास वर्ल्ड पीस टेम्पल और पठानकोट डेरा के स्वामी गुरदीप गिरी महाराज ने कहा कि यदि सरकार आगामी 5 दिसम्बर तक संत गुरु रविदास के नाम पर दर्ज सारी 12350 वर्ग गज़ भूमि गुरु रविदास जयंती समारोह समिति, तुग़लक़ाबाद को नहीं सौंपती है, तो सरकार द्वारा संत गुरु रविदास के साथ किए जा रहे भेदभाव के ख़िलाफ़ जन-जागरण और देश-व्यापी आंदोलन जाएगा.

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रविदासिया धर्म, उत्तर प्रदेश के प्रमुख संत वीर सिंह हितकारी ने बताया कि संत समाज की माँग 5 दिसम्बर तक पूरी ना किए जाने पर संत गुरु रविदास संत समाज की अखिल भारतीय बैठक अगली 6-7 दिसम्बर को पूना में होगी, जिसमें देश-व्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी.

इस अवसर पर प्रेस-वार्ता को हरियाणा के संत निर्मल दास, संत फ़क़ीर दास, पंजाब की संत बीबी कृष्णा, दिल्ली के संत के सी रवि, मध्य प्रदेश के संत पंचम दास ने भी सम्बोधित किया. इस अवसर पर आंदोलन की कोर समिति के सदस्य एम आर बाली, ऋषिपाल, रमेश, हुकुम चन्द सुमन, एफ सी मल्ल, राजेंद्र कुमार, सतपाल सागर इत्यादि भी मौजूद रहे.

संत समाज के प्रवक्ता अशोक भारती के अनुसार सम्मेलन में आगामी 10 नवम्बर को तुग़लक़ाबाद स्थित संत गुरु रविदास धाम पर आरती व पूजा करने की घोषणा भी की गई. आंदोलन के प्रवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आंदोलन के तहत जेल भेजे गए सभी आंदोलनकारियों से मुक़दमे वापस लेने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद दिया.

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