हार के कारणों की पड़ताल के लिए राजद ने गठित की कमेटी

लोकसभा चुनाव में स्थापना के बाद पहली बार खाता भी नहीं खोल पाये राष्ट्रीय जनता दल ने चुनाव परिणाम को जनादेश की चोरी बताते हुए इसकी सूक्ष्म पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद विधानमंडल दल की नेता राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर आउट होने के बाद समीक्षा बैठक की गई। दो दिनों तक चलने वाली इस समीक्षा बैठक में पहले दिन चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों एवं पदाधिकारियों के साथ गहन मंथन की गई। बैठक के दूसरे दिन आज राजद के सभी विधायकों और विधान पार्षदों से चुनाव में हार के कारणों पर चर्चा होगी।

समीक्षा बैठक के बाद राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में चुनाव परिणाम को षड्यंत्र का जनादेश बताते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि पार्टी की जीत हुई है और सही जनादेश को पलटने का काम किया गया है।

राजद नेता ने कहा कि विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे। राजद अपने नेतृत्व पर विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है। श्री यादव ने चुनाव में काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन अगले चुनाव तक रहेगा।

राजद ने लोकसभा चुनाव में मिली हार को लेकर श्री सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है इस कमेटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी और प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी हार के कारणों का पता लगाकर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
इस बीच चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के खराब प्रदर्शन की जिम्मेवारी लेते हुए पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और समस्तीपुर के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
श्री शाहीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे को भेजे गये पत्र में कहा है कि वह लोकसभा चुनाव में पार्टी की असफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। राजद विधायक ने यह भी कहा कि वह सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की सेवा करते रहेंगे।