भागवत-मदनी मुलाकात- किसने की थी पहल और क्या हुआ फैसला

भागवत-मदनी मुलाकात- किसने की थी पहल और क्या हुआ फैसला

हिंदू और मुसलमानों के दो बड़े संगठन आरएसएस और जमीयत उलमा ए हिंद के प्रमुख मोहन भागवत व अरशद मदनी के बीच मुलाकात हुई पहल किसने की थी और क्या हुआ नतीजा ?

इन दोनों गैर राजनीतिक नेताओं की मुलाकात आरएसएस के दिल्ली स्थित दफ्तर में हुई. मुलाकात कोई डेढ़ घंटे चली. काबिले जिक्र है कि इन दो रहनुमाओं की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने का मामला गर्म है और देश भर में असम के NRC को ले कर बावेला मचा हुआ है.

MOhan Bagwat- Arshad Madani की मुलाकात का अर्थ

दर असल इस मुलाकात की कोशिशें काफी पहले से की जा रही थीं. जानकारों का मानना है कि आरएसएस के राम लाल और गैर सियासी संगठन जनमंच काफी दिनों से कोशिश कर रहे थे कि दोनों सामाजिक नेताओं के बीच मुलाकात हो.

इस मुलाकत में जानकारों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच मॉब लिंचिंग, कश्मीर मुद्दे, और असम में एनआरसी यानी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के प्रकाशन के बाद उतपन्न हालात पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं के बीच यह सहमित भी बनी है कि दोनों संगठनों के अधिकृत नेता भविष्य में मिलते रहेंगे.

मीडिया की खबरों में बताया गया है कि अरशद मदनी ने कहा है कि देश को महाशक्ति बनाने के लिए जरूरी हो की देश में भाईचारे का माहौल बढ़े. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाना चाहिए.

सूत्रों के मुताबिक, हिंदू-मुस्लिम एकता के लिहाज से बैठक काफी अहम मानी जा रही है.

 

दोनों पक्ष विचार-विमर्श से सहमत नजर आए. बीजेपी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी (संगठन) और अब आरएसएस में वापस लौटे रामलाल से बातचीत जारी रखने को कहा गया है. साथ ही जिन मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई है, उन्हें आगे ले जाने का निर्देश दिया गया है.

इससे पहले जमियत के तत्कालीन प्रमुख असद मदनी के साथ उस वक्त के सर संघ चालक केएस सुदर्शन की मुलाकत 2004 में हुई थी.

दोनों हस्तियों के बीच मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर विवाद चरम पर है. साथ ही संसद ने ट्रिपल तलाक को हटाने पर भी मुहर लगा दी है. हाल ही में मदनी ने जमात वर्किंग कमिटी में सरकार से मांग की थी कि वह मॉब लिंचिंग से जुड़े मामलों के लिए विशेष कानून लाए. मदनी ने सांप्रदायिक माहौल और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जताई थी.

 

 

 

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