Saatrang : लालटेन खरीद लीजिए, बढ़ रहा है बिजली संकट

Saatrang : लालटेन खरीद लीजिए, बढ़ रहा है बिजली संकट

भले ही आपने चुनाव में लालटेन का विरोध किया हो, लेकिन फिलहाल विरोध किनारे रखकर एक लालटेन खरीद लीजिए। काम आएगी। नीतीश ने भी माना बिजली संकट।

इसी साल फरवरी में मोदी जी के एक मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि गर्मी बढ़ने पर पेट्रोल की कीमत घटेगी। वह तो नहीं घटी, अब बिजली संकट ने देश के कई राज्यों में ब्लैक आउट का भय पैदा कर दिया है। अनेक राज्यों ने केंद्र की मोदी सरकार के सामने संकट की घंटी बजा दी है। लेकिन हमारे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह मानते हुए भी कि बिहार में संकट है, उन्होंने प्रधानमंत्री को कोई पत्र नहीं भेजा है। मुख्यमंत्री ने आज पूरे संतोष के साथ कहा कि बिजली का उत्पादन कम हो रहा है और बिहार महंगी दर पर बिजली खरीद रहा है।

बिहार की जनता भी महान है। यहीं लोकतंत्र का जन्म हुआ, यह पुरानी बात हो गई। किसी को इससे फर्क नहीं पड़ता कि बिहार क्यों महंगी दर पर बिजली खरीद रहा है। जब महंगी दर पर बिजली की खरीद होगी, तो या तो उसकी भरपाई सीधे उपभोक्ता से होगी या राज्य सरकार देगी। दोनों एक ही बात है। राज्य सरकार देगी, तो क्या वह दूसरी योजनाओं में कटौती नहीं करेगी, क्या शिक्षकों का वेतन, विकास के काम समय पर पूरा होंगे?

दो में कौन सही-कौन गलत

केंद्रीय मंत्री बिहार के ही हैं-आरके सिंह। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं। हमारे पास पर्याप्त कोयला भंडार है। हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एनटीपीसी और अन्य उत्पादन इकाइयों में उत्पादन क्षमता के अनुसार नहीं हो रहा है (कोयले की कमी के कारण)। इसीलिए राज्य को अधिक कीमत पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। पिछले पांच दिनों में बिहार ने 90 करोड़ की बिजली खरीदी है। मुख्यमंत्री शब्दों पर जोर देकर कह रहे हैं कि ज्यादा दाम देकर बिजली खरीद रहे हैं।

एक जरूरी सवाल

पिछले साल मार्च तक सरकार के मंत्री कहते रहे कि कोरोना से कुछ नहीं होगा। अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। तब राहुल गांधी के चेताने पर उनका मजाक उड़ाने वाले याद होंगे। फिर कोरोना ने क्या हाल किया, हम सब जानते हैं। अब फिर अचानक बिजली संकट की चर्चा होने लगी। क्या केंद्र सरकार को पता नहीं था कि कोयले का कम उत्पादन बिजली संकट पैदा करेगा? किस दुनिया में रहती है सरकार, पता नहीं। अब बिहार जैसे गरीब राज्य को 90 करोड़ की बिजली अधिक कीमत देकर खरीदनी पड़ रही है।

कल बिजसी संकट गहराया, तो कोई मंत्री कह सकते हैं कि होली के समय कोयले का उत्पादन बढ़ जाता है। इसलिए अभी संकट झेल लीजिए। बिहार सरकार को पता नहीं था कि संकट आनेवाला है, वह महंगी बिजली खरीद रहा है, आप जान गए हैं कि अंधेरा छा सकता है, तो अच्छा होगा, अभी ही एक लालटेन खरीद लीजिए। काम देगी।

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