शहीद किसानों को श्रद्धांजलि न देने पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा

शहीद किसानों को श्रद्धांजलि न देने पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा

आज विस में तेजस्वी यादव ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने की मांग की, लेकिन सत्तापक्ष तैयार नहीं हुआ। इसे तेजस्वी ने बड़ा मुद्दा बनाया। घेरा सरकार को।

कुमार अनिल

कुछ दिन पहले लोकसभा में राहुल गांधी ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए मौन रखा, तो उनका सत्ता पक्ष ने मजाक उड़ाया। उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन तक का प्रस्ताव लाया गया। आज बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने का आग्रह किया, लेकिन सत्तापक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। बाद में तेजस्वी यादव ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए सरकार को घेरा।

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए लड़ रहे हैं। वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में अबतक 260 किसानों ने शहादत दी है। जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने सवाल उठाया कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है, यहां शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देकर ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।

ईवीएम सुरक्षित होने के दावे पर पूर्व आईएएस ने उठाया सवाल

तेजस्वी यादव ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि नहीं देने पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया। कहा- जदयू-भाजपा किसान विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के किसान सबसे दयनीय स्थिति में रह रहे हैं। उन्हें धान की कीमत 1800 से अधिक मिलनी चाहिए, पर वे 700-800 रुपए क्विंटल धान बेचने को मजबूर हैं।

तेजस्वी की बात का समर्थन करते हुए सारण के एक किसान ने कहा कि उनके गांव में एक कर्मचारी महीने भर पहले आया था, उसने उन किसानों के नाम रजिस्टर में लिखे, जो धान सरकारी रेट पर बेचना चाहते हैं, लेकिन एक महीना होने के बावजूद अबतक धान की खरीद नहीं की गई है। बाद में किसानों ने उस कर्मचारी से पूछा कि धान की खरीद कब होगी, तो उसका कहना था कि उसने रजिस्टर जमा कर दिया है। अब धान की खरीद कब होगी, वह कुछ नहीं कह सकता।

आज तक किसी ने नहीं देखा था ऐसा रेल रोको आंदोलन

विपक्ष ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि ने देने पर जदयू-भाजपा को आज किसान विरोधी कहा,आज तक किसी ने नहीं देखा था ऐसा रेल रोको आंदोलन लेकिन अबतक सत्तापक्ष ने कोई सफाई नहीं दी है कि शहीद किसानों को क्यों श्रद्धांजलि नहीं दी गई।

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