नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा गया लेंस व ट्रैकिंग डिवाइस से युक्त बाज

भारत-नेपाल बॉर्डर पर दिखा अनोखा बाज, आंखों में लेंस और गर्दन पर लगी थी ट्रैकिंग डिवाइस

भारत-नेपाल बॉर्डर पर दिखा अनोखा बाज, आंखों में लेंस और गर्दन पर लगी थी ट्रैकिंग डिवाइस

बिहार-नेपाल बॉर्डर इलाके में स्थित शिवहर जिले में पुलिस ने प्रशिक्षित बाज को पकड़ा, जिसकी आंखों में लेंस लगा था, वहीं गर्दन पर ट्रैकिंग डिवाइस भी लगाई गई थी. पुलिस और वन विभाग कर रहे हैं मामले की जांच.

शिवहर से दीपक कुमार ठाकुर,ब्यूरो प्रमुख,मिथिलांचल

शिवहर. आपने बॉलीवुड फिल्म ‘उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक’ तो देखी होगी. फिल्म में दिखाया गया है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों का पता लगाने के लिए एक कंप्यूटराइज्ड बाज का इस्तेमाल किया था. बिहार के शिवहर जिले में मंगलवार को लोगों के सामने ऐसा ही मिलता-जुलता बाज दिखा. जी हां, आपको जानकर हैरत होगी कि आंखों में लेंस और गर्दन पर ट्रैकिंग डिवाइस लगा हुआ एक प्रशिक्षित बाज पुलिस को बिहार-नेपाल बॉर्डर इलाके से सटे शिवहर जिले में मिला है.

 

प्रशिक्षित बाज मिलने की खबर से जिले में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए बाज को वन विभाग को सौंप दिया है. नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाके में इस बाज के मिलने को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. कोई इसे दुश्मन देश की साजिश बता रहा है तो कुछ लोग भारत विरोधी संगठन की साजिश बता रहे हैं.

शिवहर के एसपी संतोष कुमार ने नौकरशाही डॉट कॉम को बताया कि सुबह तकरीबन 10-11 बजे के बीच पुलिस को चिकनौटा गांव में प्रशिक्षित बाज के देखे जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद स्थानीय थाने की पुलिस गांव पहुंची और बाज को अपने कब्जे में ले लिया. एसपी ने बताया कि बाज की आंखों में लेंस लगा हुआ है, वहीं गर्दन के पास कैमरा और सोलर पैनल लगा है. पैर में चीनी भाषा में कुछ लिखा हुआ है.

 

एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बाज की हालत ठीक नहीं थी, इसलिए वह स्थानीय लोगों की पकड़ में आसानी से आ गया. एसपी ने यह भी बताया कि अभी तक की जांच से पता चला है कि यह एक ट्रैकिंग डिवाइस है, जिसका वन विभाग के अधिकारी भी कभी-कभी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि पुलिस ने सभी उपकरणों को कब्जे में ले लिया है और विस्तृत जांच-पड़ताल की जा रही है. डिवाइस को जांच के लिए आगे भेजा जाएगा.

शिवहर जिले में मिले बाज की गर्दन पर कैमरा और पीठ पर सोलर पैनल लगा था, वहीं आंखों में लेस लगा हुआ था.

बाज को लेकर कयासों का दौर

बिहार-नेपाल सीमा से सटे इलाके में ट्रैकिंग डिवाइस लगा बाज मिलने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. खासकर बाज की आंखों में लेंस और कैमरा व सोलर पैनल को लेकर लोग अलग-अलग अंदाजा लगा रहे हैं. इसके अलावा चीनी भाषा में मिले नोट को लेकर लोग इसे दुश्मन देश की साजिश बता रहे हैं. आपको बता दें कि सीतामढ़ी और शिवहर जिला बिहार-नेपाल सीमा पर स्थित है. बॉर्डर खुला होने की वजह से अक्सर इस इलाके में आतंकियों के घुसपैठ करने की खबरें भी आती रहती हैं. ऐसे में प्रशिक्षित बाज मिलने की खबर से जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.

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