सुशांत मामले पर नीतीश ने खुद अपनी पीठ थपथपाई

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुशांत मामले की सीबीआई जाँच की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करते हुए अपनी पीठ थपथपाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत केस सीबीआई को सौंपा

सुप्रीम कोर्ट ने आज सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई जाँच की अनुमति दे दी है। पिछले कई महीनो से बिहार के सभी राजनीतिक दल सुशांत मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे थे एवं राजनीती भी गरमा गयी थी।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने ट्वीट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा की आज माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना में दर्ज कराए गए मामले पर बिहार पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई एवं बिहार सरकार द्वारा इस मामले को सीबीआई को सौंपने के निर्णय को विधि सम्मत एवं उचित ठहराया गया है।

अगले ट्वीट में उन्होंने विरोधियो के ऊपर निशाना साधते हुए कहा की कुछ लोग इसे राजनीतिक रूप देना चाह रहे थे जबकि राज्य सरकार का मानना था कि इसका संबंध न्याय से है। मुझे भरोसा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई यथाशीघ्र इस मामले की जांच करेगी और शीघ्र न्याय मिल सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच की मंज़ूरी मिलने के बाद सत्तारूढ़ दाल की तरफ से इसका श्रेय लेने की होड़ लग गयी। जदयू के नेता इस फैसले का स्वागत करने के साथ साथ इसे अपनी पार्टी की बड़ी जीत बता रहे हैं।

जदयू नेता नीरज कुमार इसे बड़ी जीत बताते हुए कहा सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला बिहार की जनाकांक्षा के अनुरूप है और यह बिहार सरकार एवं बिहार पुलिस के समहुहिक प्रयास की वजह से ही संभव हो पाया है।


दूसरी ओर राजद के तेजश्वी यादव ने कहा की उनकी पार्टी ने तो सुशांत आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए जून महीने में ही मांग की थी।

गौरतलब है की 14 जून 2020 को बिहार के बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे तथा कथित तौर पर उनकी मृत्यु का कारण आत्महत्या बताया गया था।

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बिहार पुलिस शरूआत में इस घटना में हाथ डालने से परहेज़ कर रही थी। इसके बाद इस हाई प्रोफाइल मामले में कई अहम् मोड़ आये। अगस्त महीने में ही बिहार पुलिस ने अपनी टीम मुंबई भेजी और जांच में मुंबई पुलिस का सहयोग न मिलने का दावा किया। मामले में राजनीती गर्माते ही सीबीआई जांच की मांग और तेज़ होने लगी थी।

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