तालिबानी कल्चर नहीं आने देंगे, चाहे जान चली जाए : दरगाह अजमेर

तालिबानी कल्चर नहीं आने देंगे, चाहे जान चली जाए : दरगाह अजमेर

उदयपुर बर्बर हत्याकांड के खिलाफ दरगाह अजमेर के दीवान ने कहा-चाहे हमारी जान चली जाए, पर देश में तालिबानी कल्चर नहीं आने देंगे। देश की एकता से बढ़कर कुछ नहीं।

मुसलमानों के सर्वाधिक पवित्र स्थल अजमेर दरगाह से उदयपुर बर्बर हत्याकांड के खिलाफ मजबूत आवाज उठी है। दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने पत्रकारों से बात करते उदयपुर हत्याकांड की तीखे शब्दों में निंदा की और कहा कि देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कोई चीज नहीं। चाहे हमारी जान चली जाए, लेकिन भारत में तालिबानी कल्चर को बरदाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सभी धर्मों से भाईचारा कायम रखने तथा शांति बनाए रखने की भी अपील की।

दरगाह के दीवान ने कहा कि उदयपुर में जिस तरह हत्या की गई, उसकी इजाजत न तो इस्लाम देता है और न ही जिनके नाम पर हत्या की गई अर्थात पैगंबर मोहम्मद साहब इजाजत देते हैं। ये जो लोग ऐसी हरकत करते हैं, तो इससे इस्लाम बदनाम होता है, धर्म बदनाम होता है, बेगूनाहों का खून होता है, वातावरण खराब होता है। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख सभी धर्मों से कहा कि बराए-मेहरबानी देश में शांति और भाईचारा कायम रखें। ये है उनका पूरा वीडियो-

दरगाह अजमेर से उदयपुर घटना के खिलाफ कई और भी वीडियो जारी किए गए हैं, प्रेस में बयान दिया गया है कि लोग शांति बनाए रखें। बयान में हत्यारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

इस बीच उदयपुर हत्याकांड के दोनों आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं और मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 ने इस केस को ऑफिसर स्कीम के तहत देने का निर्णय लिया है। यह फास्ट ट्रैक की तरह है जिसमें जल्द से जल्द अपराधियों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल विशोष प्रावधानों के तहत प्रोन्नति भी देने की घोषणा की है। प्रियांक ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा-एक बहुत जरूरी अपील, क्या ऐसी कोई अपील किसी लिंचिंग पर बहुसंख्यक समाज के भगवाधारियों से आई, शायद नहीं, ये देश बनाया हमने पिछले 8 सालों में…।

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