तेजस्वी, अखिलेश के बाद ममता को मिला हेमंत का साथ

तेजस्वी, अखिलेश के बाद ममता को मिला हेमंत का साथ

देश के लिए बंगाल का चुनाव अहम हो गया है। इसका परिणाम देश की दिशा तय करेगा। इसीलिए झारंखड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी ममता को समर्थन का एलान कर दिया।

कुमार अनिल

आज झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प. बंगाल चुनाव में प्रत्याशी नहीं देने की घोषणा की। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जनवरी में कहा था कि पार्टी प. बंगाल में चुनाव लड़ेगी। लेकिन इस बीच बंगाल चुनाव जिस तरह देश के लिए अहम हो गया है, उसमें हेमंत सोरेन ने आज एलान कर दिया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी और खुलकर ममता बनर्जी का समर्थन करेगी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रायः प. बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारता रहा है। पिछली बार 2016 में भी झामुमो ने 18 सीटों पर प्रत्याशी दिए थे। पार्टी को 39, 326 मत मिले थे, जो इन सीटों पर कुल मतों का 1.22 प्रतिशत था।

झारखंड की सीमा से प. बंगाल के तीन जिले सटते हैं। ये जिले हैं पुरुलिया, झारग्राम, वीरभूम। इन जिलों में आदिवासी आबादी अच्छी संख्या में हैं। पिछली बार इन जिलों के अलावा पार्टी ने उत्तर बंगाल के जिलों में भी प्रत्याशी उतारे थे। उत्तर बंगाल में खूंटी, लोहरदगा और गुमला जिलों के आदिवासी बड़ी संख्या में रहते हैं।

हेमंत सोरेन के समर्थन से इन जिलों में ममता की पार्टी तृणमूल की स्थिति मजबूत होगी। हेमंत से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव और सपा नेता अखिलेश यादव भी ममता को समर्थन का एलान कर चुके हैं।

उधर, अबतक भाजपा को किसी अन्य प्रमुख दल ने समर्थन का एलान नहीं किया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ममता के समर्थन में हेमंत सोरेन बंगाल में सभा करेंगे या नहीं। लेकिन उनकी घोषणा महत्वपूर्ण है। हेमंत सोरेन ने कहा कि वे नहीं चाहते कि भाजपा विरोधी मतों का बिखराव हो। हेमंत के समर्थन से भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रुकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*