तेजस्वी की बड़ी मांग, लोहिया व कांशीराम को भी मिले भारत रत्न

तेजस्वी की बड़ी मांग, लोहिया व कांशीराम को भी मिले भारत रत्न

तेजस्वी की बड़ी मांग, लोहिया व कांशीराम को भी मिले भारत रत्न। उपमुख्यमंत्री की मांग से भाजपा पर नया दबाव। नई मांग पर भाजपा को घेरने की तैयारी में राजद।

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से पिछड़ों के सबसे बड़े नायक राममनोहर लोहिया और आंबेडकर के बाद दलितों के सबसे बड़े नेता कांशीराम को भी भारत रत्न सम्मान देने की मांग कर दी है। इस नई मांग से भाजपा घिर सकती है। राजद इन दोनों नेताओं को सम्मान देने की मांग पर भाजपा को घेरने की तैयारी कर रहा है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मांग दशकों से लालू प्रसाद करते रहे हैं। उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बिहार की जनता की तरफ से यह मांग उठाई थी कि कर्पूरी जी को भारत रत्न मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन सरकार ने जाति गणना कराई, पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाया। इसके बाद दबाव में केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान दिया।

उपमुख्यमंत्री ने लोहिया और कांशीराम को भी भारत रत्न सम्मान देने की मांग करके लोकसभा चुनाव के लिए एक नया एजेंडा सेट कर दिया है। जब भी भाजपा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की बात करेगी, तो राजद की तरफ से लोहिया और कांशीराम को वही सम्मान देने की मांग करेगी। याद रहे लोहिया ने आजादी के बाद सबसे पहले देश में पिछड़ों के हक की बात उठाई। उन्होंने आर्थिक आजादी और सामाजिक न्याय की मांग पर हिंदी पट्टी के पिछड़ों-दलितों को संगठित किया। उसी तरह कांशीराम ने दलितों की राजनीतिक भागीदारी और खुशहाली की मांग पर देश के दलितों में नई जागृति पैदा की। आज भी दोनों नेताओं को उनके योगदान के अनुरूप वाजिब सम्मान नहीं मिला।

कल पटना में कर्पूरी जयंती पर तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा और भाजपा पर जबरदस्त हमले किए। उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा को हर सीट पर हराने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा को पिछड़ा-दलित विरोधी बताया और कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीतिक कर रही है, जो कर्पूरी जी के विचारों के विरुद्ध है।

जाति गणना-आरक्षण के दबाव में कर्पूरी जी को दिया भारत रत्न : तेजस्वी