तेजस्वी पर खूब बोले सुशील मोदी, शंकराचार्य पर घिग्घी बंधी

तेजस्वी पर खूब बोले सुशील मोदी, शंकराचार्य पर घिग्घी बंधी

तेजस्वी पर खूब बोले सुशील मोदी, शंकराचार्य पर घिग्घी बंधी। राम मंदिर उद्घाटन को इवेंट बनाने का किया विरोध। निर्माणाधीन मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा पर भी सवाल।

बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक कार्यक्रम में युवकों से पूछा कि बीमार पड़ने पर मंदिर जाओगे या अस्पताल। उनके इस सवाल पर भाजपा सांसद सुशील मोदी तिलमिला गए। उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो सारे मंदिरों को तोड़ कर अस्पताल बना दो। हालांकि तेजस्वी ने मंदिर तोड़ने की बात नहीं की थी, उन्होंने तो बीमार होने पर कहां जाने की बात कही थी। सुशील मोदी तेजस्वी यादव पर तो खूब बोल रहे हैं, लेकिन शंकराचार्य पर उनकी घिग्घी बंध गई है। शंकराचार्य ने राम मंदिर को इंवेंट बनाने का खुल कर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी उद्घाटन करेंगे, मैं वहां ताली बजाने क्यों जाऊं। उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार कर दिया है। लेकिन क्या सुशील मोदी शंकराचार्य को हिंदू विरोधी, सनातन विरोधी कहेंगे।

गोवर्धन मठ, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी लोकार्पण करेंगे, मूर्ति का स्पर्श करेंगे और मैं वहाँ ताली बजा के जय-जय करूंगा क्या…। उनके इस बयान के पर तमाम भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध साध ली है। सबकी बोलती बंद है। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अयोध्या में जो आयोजन हो रहा है, वह लोकसभा चुनाव के कारण हो रहा है।

एक और शंकराचार्य ने राम मंदिर को चुनावी जलसा बनाए जाने का विरोध किया है। ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर को राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए। शंकराचार्यों के ट्रस्ट को दरकिनार कर दिया और अपना ट्रस्ट बना लिया क्योंकि आप सत्ता में हैं तो चाहे जो कीजिए। आप बताइए राम जन्मभूमि के लिए नरेंद्र मोदी ने क्या किया है?

तेजस्वी यादव ने कहा था कि उनका जोर युवाओं को रोजगार, नौकरी देने पर है। स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने पर है। और ये भाजपा वाले लोगों को धर्म के नाम पर लड़ाना चाहते हैं। इसके बाद भाजपा के नेताओं ने तेजस्वी यादव पर हमला बोल दिया। एक गोदी एंकर अमीश देवगन ने यहां तक कहा कि राम मंदिर जाने से अस्पताल जाने की जरूरत नहीं रहेगी। यह तो सरासर अंधविश्वास फैलाना है। सोशल मीडिया पर इस एंकर के खिलाफ लोग जमकर लिख रहे हैं।

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