तेजस्वी एक्सक्लुसिव: 38 घंटे की सटीक योजना से कैसे राष्ट्रीय राजनीति में छा गये तेजस्वी!

नौकरशाही डॉट कॉम के सम्पादक इर्शादुल हक को दिये एक्सक्लुसिव इंटर्व्यू में तेजस्वी यादव ने अपनी उस रणनीति का खुलासा किया है जिसके तहत उन्होंने महज 38 घंटे में शेल्टर होम यौन शोषण मामले को राष्ट्रीय फलक पर पहुंचा दिया.

जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 42 बच्चियों के साथ हुए संस्थानिक बलात्कार को संगठित प्रयास से लगभग भुला दिया गया था. लेकिन बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के नेता तेजस्वी यादव ने इस भारतीय इतिहास के सबसे क्रूरतम रेपकांड की घटना को दबाये जाने के तमाम षड्यंत्र को विफल कर दिया. इस गंभीर मुद्दे पर हमने तेजस्वी यादव से बातचीत की.

यह साक्षात्कार नीचे की तस्वीर क्लिक करके देखें

naukarshahi media studio

उन्होंने कहा कि “इस घटना को दबा देने के तमाम प्रयास हुए. लेकिन मैंने महसूस किया कि हम भी बहनों के भाई हैं. हम उनकी रक्षा के लिए उनके सम्मान के लिए हर पल खड़े रहते हैं. लेकिन शेल्टर होम में अनाथ और बेसहारा बच्चियों की अस्मिता के लिए कौन खड़ा होगा. हमें ही खड़ा होना पड़ेगा न”?

नौकरशाही डॉट कॉम के स्टुडियो का उद्घाटन करते तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि “इसलिए हमने इस जघन्य व दिल दहला देने वाली घटना के खिलाफ संघर्ष करने कको ठान लिया. मुजफ्फरपुर की घटना की सच्चाई सामने आने से पहले, गया में भी ऐसा ही एक क्रूर कांड हुआ था. वहां परिवार के सदस्यों के सामने ही एक महिला की अस्मत लूटी गयी थी. इन घटनाओं से हम पहले ही आहत थे. इसलिए हमने तय किया कि अब ऐसे काम नहीं चलेगा. हमें सड़क पर आना पड़ेगा. और इसलिए हमने गया से पटना के बीच साइकिल मार्च निकाला. इससे पहले हम अपने ट्विट्स में इस मुद्दे को उठा रहे थे और साथ ही बिहार विधानसभा में जोरशोर से इस पर अपना पक्षा रख चुके थे”.

नौकरशाही डॉट कॉम के स्टुडियो के उद्घाटन के अवसर पर जुटे लोग

 

आंदोलन के दबाव में झुकती गयी सरकार

बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष  तेजस्वी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि “घर पर बैठने, या हाथ पर हाथ धरे रहने से चीजें नहीं बदलतीं. लोगों में जागरूकता लाने के लिए और सरकार के निकम्मेपन और नाकारेपन को झकझोड़ने के लिए मैदान में आना पड़ता है, लिहाजा हमने फैसला किया कि अब सड़कों पर आना ही पड़ेगा”. यह पूछे जाने पर कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम बलात्कार कांड के मामले पर आपके दबाव के सामने नीतीश सरकार लगातार झुकती गयी. आपने दबाव डाला कि सीबीआई जांच हो. सरकार को मजबूर होना पड़ा. आपने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज की मॉनिटरिंग में जांच हो, सरकार फिर झुकी. इतना ही नहीं आपने फिर मांग की कि समाज कल्याण मंत्री को हटाया जाये नतीजनत उन्हें जाना पड़ा. क्या ऐसी उम्मीद थी कि नीतीश सरकार एक एक कर आपके आंदोलन के सामने झुकती चली जायेगी? इस सवाल के जवाब में तेजस्वी ने कहा- बिहार में राक्षस राज है. हर दिन हत्या बलात्कार की घटना घट रही है. नीतीश कुमार आपराधिक चुप्पी साधे रहते हैं. यहां राक्षस राज है. हमने तय किया कि उनकी आपराधिक चुप्पी न सिर्फ तोड़वा के दम लेंगे, बल्कि हम उन पर जनदबाव बनायेंगे और जनता को उनकी सच्चाई बता कर उनकी क्रूरता को बेनकाब करेंगे. इसी लिए हमने फैसला किया कि अब यह लड़ाई राष्ट्रीय स्तर पर ले जानी है. हमने फैसला किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे. हमारे पास मात्र दो दिन( बल्कि 38 घंटे) थे. हमने तय किया कि, चूंकि यह मुद्दा राजनीतिक नहीं है इसलिए इसे गैरराजनीतिक आंदोलन की शक्ल देंगे. चूंकि यह मामले इतना गंभीर और संवेदनशील था कि सब साथ आ गये( राहुल, केजरीवाल, सीताराम येचुरी, डी राजा, कन्हैया कुमार, तृणमूल कांग्रेस के नेता आदि). दूसरी तरफ युवाओं में इस शर्मनाक कांड के बाद जबरदस्त आक्रोश था. पूरा जंतर मंतर लोगों से पट गया. विभिन्न राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाना चुनौतीपूर्ण था लेकिन इस मुद्दे के महत्व को आभास सबको था, सो सब आ गये.

मीडिया की भूमिका

मुजफ्फरपुर रेपकांड पर तेजस्वी ने खुल कर विचार रखा. उन्होंने कहा कि मीडिया में इस मामले में जो रिपोर्टिंग की गयी, उसे आप देखें. इसे दबाने की कोशिश की गयी. बिहार से इस मुद्दे पर उचित रिपोर्टिंग नहीं की गयी. मैं यह नहीं कर रहा कि सभी पत्रकार ऐसे थे. कुछ लोगों ने ही अपनी ईमानदार कोशिश दिखाई. इसलिए भी हमने तय किया कि इस सच्चाई को हम लोगों तक ले जायेंगे. तेजस्वी से जब यह पूछा गया कि एक तरफ आप मीडिया के बड़े हिस्से पर आरोप लगाते हैं कि  वे आपके दल को उचित जगह प्रेस में नहीं देते. दूसरी तरफ पत्रकार साथियों की यह शिकायत रहती है कि आपतक सम्पर्क करना कठिन होता है. आप तक पत्रकारों का एक्सेस अासान नहीं. इस सवाल के जवाब में तेजस्वी ने कहा कि हमारा प्रयास रहता है कि सभी पत्रकारों से बातचीत हो. पर हमें इसी 24 घंटे में सारे काम करने होते हैं. इसके बावजूद हम जब भी अपने कार्यालय में होते हैं तब सबके साथ अपनी बात शेयर करते हैं. लेकिन फिर भी अगर कुछ मीडियाकर्मियों की शिकायत है तो हम इसे ठीक करने का प्रयास करेंगे.

 

नोट- यह साक्षात्कार पटना में नौकरशाही डॉट कॉम के  नये स्टुडियो के उद्घाटन के अवसर पर 15 अगस्त को शाम सात बजे facebook.com/naukarshahi पर लाइव प्रसारण हुआ. हमने उसी साक्षात्कार का सम्पादित अंश अपने पाठकों के लिए यहां पेश किया है.

 

 

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