बारिश में भीग तेजस्वी ने आधी रात तक किया आंदोलन, प्रशासन को झुकाया, नीतीश को चेताया, पार्टी में आया उत्साह

बारिश में भीग तेजस्वी ने आधी रात तक किया आंदोलन, प्रशासन को झुकाया, नीतीश को चेताया, पार्टी में आया उत्साह

बारिश में भीग तेजस्वी यादव ने प्रशासन द्वारा दूध मार्केट को ध्वस्त करने के खिलाफ आधी रात तक आंदोलन किया जिसके कारण प्रशासन को झुकना पड़ा और वादा भी करना पड़ा कि कारोबारियों के लिए यथाशीघ्र पूर्व जैसी व्यस्था दी जायेगी.

लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद जो आलोचक पलायन करने का आरोप लगा रहे थे उन्हें तेजस्वी यादव ने पटना वापसी करते ही करारा जवाब दे दिया है.

तेजस्वी ने जवाब भी ऐसा दिया है कि सरकार व प्रशासन में खलबली मच गयी है. तेजस्वी की घिड़की के बाद पटना जंक्शन दूध मार्केट पर प्रशासन द्वारा बुल्डोजर चला कर ध्वस्त करने का दाव उलटा पड़ गया है. तेजस्वी के आंदोलनात्मक रवैये के आगे झुकते हुए पटना नगर निगम को 3 बजे सुबह पत्र जारी करके वादा करना पड़ा कि यथाशिघ्र दूध व्यवसाइयों को पहले जैसी व्यवस्था दी जायेगी.

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गौर करने की बात है कि पटना कमिशनर के आदेश पर नगर निगम ने दो मंजिला दूध मार्केट पर बुल्डोजर चला कर ध्वस्त कर दिया था.

आंदोलन के बाद झुका प्रशासन

इसके कुछ घंटे बाद तेज्सवी यादव दूध मार्केट पहुंचे और धरने पर बैठ गये. देखते ही देखते पटना जंक्शन पर यातायात बाधित होने लगी. तेजस्वी ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने दूध व मछली व्यवसाइयों के लिए यह मार्केट बनवाया था जिसे बिना किसी लीगल या प्रशासनिक आदेश के सरकार ने तोड़वा कर डेढ़ सौ से ज्यादा परिवारों को झटके में बेरोजगार कर दिया गया.

इस दौरान जोरदार बारिश होती रही लेकिन तेजस्वी टस से मस नहीं हुए. रात भर चले इस सियासी गहमागहमी के बाद नगर निगम को लिखित रूप से वादा करना पड़ा कि वह यथाशीघ्र व्यवसाइयों के लिए पहले जैसी जगह उपलब्ध करायेगी.

तेजस्वी जब धरने पर बैठे तो देखते ही देखते राजद के कार्यकर्ताओं और व्यवसाइयों की भीड़ लग गयी. कुछ घंटे बाद तेज प्रताप भी पहुंच गये.इससे पहले कांग्रेस विधायक बंटी चौधरी, युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष कारी सोहैब समेत दर्जनों नेता भी धरना में सामिल हो गये.

कांग्रेस विधायक बंटी चौधरी व युथ राजद के कारी सोहैब भी पहुंचे

करीब दो महीने तक राजनीतिक असक्रियता के बाद तेजस्वी की पटना वापसी धमाकेदार साबित हुई है. तेजस्वी ने अपने आंदोलनात्मक रुख से सत्ताधारी दलों में खलबली मचा कर अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार कर दिया है. वहीं भाजपा व जदयू द्वारा उन पर हार से ‘विचलित’ होने और ‘अज्ञातवास’ पर चले जाने की बात कह कर खिल्ली उड़ाई जा रही थी.

नीतीश के खिलाफ सख्त तेवर

इस दौरान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर इन गरीब पशुपालकों व मछली व्यवसाइयों के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री का आवास घेरेंगे और उनका घर से निकलना मुश्किल कर देंगे.

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त बयान दे कर अपने तेवर का एहसास भी करा दिया है कि वह विपक्ष की मजबूत भूमिका निभाने से पीछे नहीं हटने वाले. तेजस्वी ने एक ट्विट करके कहा कि “लड़ते रहे है, लड़ते रहेंगे। सत्ता नहीं ग़रीबों के लिए संघर्ष ही हमारी राजनीति है”।

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