बाज़ार की मजबूरियां एग्जिट पोल के नाम से बेची जा रहीं

राष्‍ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लोकसभा चुनाव को लेकर विभिन्न चैनलों के एग्ज़िट पोल को सिरे से खारिज करते हुए आज कहा कि एग्ज़िट से पहले बाज़ार की अपनी मजबूरियां एग्जिट पोल के नाम से बेची जाती हैं।

श्री यादव ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा, “एग्ज़िट से पहले बाज़ार की अपनी मजबूरियां एग्जिट पोल के नाम से बेची जाती हैं। संघ समर्थित संस्थानों और संसाधनों की मदद से वंचितो के मनोविज्ञान से खेलना इनका पुराना हथियार है।”

राजद नेता ने राज्य में महागठबंधन की जीत का दावा किया और कहा कि एक्जिट पोल को खारिज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “स्ट्रोंग रूम पर कड़ी निगरानी रखे। गंदे खेल के माहिर लोगों की चाल कामयाब ना हो।”

उधर राष्ट्रीय जनता दल ने विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल के अनुमान को पूरी तरह से खारिज करते हुए आज दावा किया कि चुनाव परिणाम ठीक इसके विपरीत होगा। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने यहां कहा कि एग्ज़िट पोल में वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के जो संभावित परिणाम दिखाए गए हैं वह कतई विश्वसनीय नहीं है। विशेषकर बिहार के संबंध में जो दिखाया गया है वह कहीं ना कहीं पूर्वाग्रह से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब 23 मई को मतगणना होगी तो परिणाम एग्जिट पोल के अनुमान के विपरीत साबित होंगे।

राजद नेता ने कहा कि पूर्व में भी अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमान गलत साबित हो चुके हैं। वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बहुमत मिलेगा बताया गया था जबकि राजद नीत महागठबंधन को दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर सफलता मिली। उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2015 में दिल्ली विधानसभा के चुनाव में श्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को एक सीट मिलना बताया जा रहा था लेकिन उसे 70 में से 67 सीटें मिली।

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