गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर प्रधानमंत्री ने जारी किया सिक्का, कहा – मानवता के राह दिखाते हैं उनके उपदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रीय राजधानी में 350 रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के उदात्त आदर्शों और मूल्यों- मानवता, भक्ति, वीरता और बलिदान की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और लोगों से उनके द्वारा बताये मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

The Prime Minister, Shri Narendra Modi releasing a commemorative coin to mark the birth anniversary of Guru Gobind Singh Ji, the Tenth Guru of Sikhs

नौकरशाही डेस्क

प्रधानमंत्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाने के लिए स्मारक सिक्का जारी करने के बाद अपने निवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी एक महान योद्धा, दार्शनिक, कवि और गुरु थे। उन्होंने उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। लोगों को उनके दिये गये उपदेश धर्म और जाति की बाधाओं को तोड़ने पर केंद्रित थे। प्रेम, शांति और बलिदान का उनका संदेश आज भी समान रूप से प्रासंगिक है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी, उनके मूल्य और उपदेश आने वाले वर्षों में मानव जाति के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्मारक सिक्का हमारी ओर से उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रदर्शित करने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने लोगों से गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज द्वारा बताये गए 11 सूत्रीय मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

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उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के व्यक्तित्व में अनेक विधाओं का संगम था। वो गुरु तो थे ही, भक्त भी श्रेष्ठ थे। वो जितने अच्छे योद्धा थे उतने ही बेहतरीन कवि और साहित्यकार भी थे। अन्याय के विरुद्ध उनका जितना कड़ा रुख था, उतना ही शांति के लिए आग्रह भी था।

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मानवता की रक्षा के लिए, राष्ट्र की रक्षा के लिए, धर्म की रक्षा के लिए, उनके सर्वोच्च बलिदान से देश और दुनिया परिचित है।

इन पुत्रन के कारनवार दिए सुत चार

चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हज़ार ।।

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हज़ारों संतानों की रक्षा के लिए अपनी संतान को, अपने वंश का ही बलिदान जिसने दे दिया। राष्ट्र की रक्षा के लिए, धर्म की रक्षा के लिए, त्याग और बलिदान का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है।

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