NIA की बेइज्जती के बाद ED हुआ अपमानित, ट्रिब्युनल ने कहा नाइक की सम्पत्ति जब्त करने से पहले सुबूत लाओ

जाकिर नाइक के खिलाफ एनआई के रेड कार्नर नोटिस इंटरपोल द्वारा रद होने के बाद अब भारत के  न्यायाधिकरण  ने ईडी द्वार उनकी सम्पत्ति जब्त करने संबंधी तर्कों की ऐसी  धज्जी उड़ाई कि उसके वकील पानी-पानी हो गये. जस्टिस मनमोहन सिंह ने यहां तक कह डाला कि नाइक के खिलाफ सेलेक्टिव कार्रवाई के लिए वह बेचैन क्यों है?

न्यायाधिकरण ने ईडी द्वारा जाकिर नाइक की सम्पत्ति को जब्त करने की मांग को खारिज कर दिया. इतना ही नहीं पहले से उनकी दो सम्पत्तियों को, जिन्हें जब्त किया गया है उन पर ईडी द्वारा कब्जा करने पर भी रोक लगा दी.

 

जस्टिस मनमोहन सिंह प्रेवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट ट्रिब्युनल के प्रमुख हैं. उन्होंने  ईडी को लताड़ लगाते हुए पूछा कि आशा राम बापू की हजारों करोड़ रुपये की सम्पत्ति को आप ने अब तक क्यों जब्त नहीं किया और आपकी दिलचस्पी जाकिर नाइक में क्यों है.

मैं ऐसे दस बाबाओं का नाम गिना सकता हूं जिनकी  दौलत दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है और वे क्रिमिनल चार्ज फेस कर रहे हैं. क्या आपने उनमें से एक के खिलाफ भी कोई कार्रवाई की?  आपने आशा राम के खिलाफ कौन सी कार्रवाई की?

अब ईडी हुआ अदालत में बेइज्जत

इतना ही नहीं ज्सटिस मनमोहन सिंह ने ईडी के वकील की जबर्दस्त खिचाई करते हुए  पूछा कि आप जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने के प्रति इतना सेलेक्टिव क्यों हैं ?

न्यूज18 वेबसाइट पर उत्कर्ष आनंद ने लिखा है कि  जस्टिस मनमोहन यहीं नहीं रुके उन्हों प्रवर्तन निदेशालय के तर्कों को मटियामेट करते हुए कहा कि जाकिर नाइक की सम्पत्ति जब्त करने के पीछे इतने उतावले क्यों हैं जबकि उनके खिलाफ अभी तक कोई समुचित आरोप भी तय नहीं किया सका है ?

 

जब ईडी के वकील ने कहा कि नाइक के भाषणों से युवा भटक रहे हैं तो  जस्टिस सिंह ने कहा कि आप ऐसे युवाओं को, जिनके भटकने की बात कह रहे हैं उसका प्रमाण क्यों नहीं दे रहे हैं? आप कोई फैक्ट तो पेश करिये जिससे पता चले कि कुछ युवा जाकिर नाइक के भाषण सुन कर गैरकानूनी काम के लिए प्रेरित हुए हों.

नाइक के खिलाफ सुबूत तो पेश करो

मनमोहन सिंह ने ईडी के तर्कों को धज्जी उड़ाते हुए कहा कि क्या आपने ऐसा कोई सुबूत पेश किया जिससे पता चल सके कि नाइक के भाषण से प्रभावित हो कर लोगों ने बांग्लादेश के ढ़ाका में आतंकी हमला किया?

 

जस्टिस सिंह ने यह भी कहा कि ईडी अपनी सहूलत के हिसाब से जाकिर नाइक के 99 प्रतिशत भाषणों को इग्नोर कर रहा है और मात्र एक प्रतिशत भाषण को बुनियाद बनाना चाहता है.

जस्टिस सिंह ने पूछा कि क्या आपने आरोप में जिन भाषणों का उल्लेख किया है उसे कभी सुना है ? जस्टिस सिंह ने यह भी कहा कि मैंने नाइक के  अनेक भाषणों को सुना है और उसमें मैंने कुछ भी अब्जेकशनेबल नहीं दिखा.

इसके बाद ट्रिब्युनल ने इस मामले में स्टेटस को लगा दिया और उसकी इस मांग को खारिज कर दी जिसमें कहा गया है कि जाकिर नाइक के स्कूल और व्यावसायिक सम्पत्तियों को जब्त करने का आदेश देने को कहा गया है.

 

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