वे चापलूसी में लोगों का जीवन खतरे में डाल रहे : तेजस्वी

वे चापलूसी में लोगों का जीवन खतरे में डाल रहे : तेजस्वी

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री का sycophantic (चापलूस) कहा। कहा कि सीएम आम लोगों का जीवन खतरे में डाल रहे।

आज विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ठोस आंकड़ों के आधार पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुशामदी में बिहार के गरीब और आम लोगों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। तेजस्वी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी बात रखी और अपने अनुभव से बताया कि किस प्रकार रिकॉर्ड के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने ठोस आंकड़ों के साथ ट्वीट किया-(पीएम को) खुश करने के लिए क्या-क्या नहीं कर रहे। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाने के लिए पिछले एक सप्ताह से टीकाकरण को काफी कम कर दिया। नीतीश कुमार जी @NitishKumar ji, क्या इस चापलूसी से बिहार के आम आदमी का जीवन सुरक्षित होगा? तेजस्वी ने सवाल किया- कल जितना टीकाकरण हुआ, अन्य दिन उससे छह गुना कम क्यों टीके पड़े? है कोई तर्क? अपनी विफलता छिपाने के लिए है कोई तर्क।

तेजस्वी ने पूछा है कि बिहार में पिछले सात दिनों में सिर्फ 4.67 लाख टीकाकरण हुआ और अकेले 17 सितंबर को मोदी जी के जन्मदिन पर 26.63 लाख से अधिक टीकाकरण कैसे और क्यों?

तेजस्वी यादव ने आम आदमी की पीड़ा-परेशानी और उसके जीवन की सुरक्षा का सवाल उठाया। नौकरशाही डॉट कॉम ने पाया कि पिछले दिनों न सिर्फ टीकाकरण की रफ्तार कम कर दी जाती है, बल्कि अनेक सेंटरों पर टीकाकरण बंद कर दिया जाता है। इससे वहां पहुंचनेवाले लोगों को निराश लौटना पड़ता है। इनमें कई को बाहर जाना होता है, किसी को दूसरे दिन कोई अन्य जरूरी काम रहता है। ऐसे में कई बार लोगों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ती है, जरूरी काम नहीं कर पाने से परेशानी होती है।

तेजस्वी यादव के इस ट्वीट का बड़ी संख्या में लोगों ने समप्थन किया और अपनी परेशानी बताई। सलमान खान ने लिखा-जो भी वैक्सीन दिया जा रहा था, 10 दिन से उन सभी को ऑनलाइन सबमिट नहीं किया। सभी को रोक के रखा गया। 17 तारीख के डेट में सभी को ऑनलाइन अपलोड किया है। क्योंकि मेरे घर में भी वैक्सीन 14 को लिया, लेकिन सर्टिफिकेट में 17 का डेट दिया है। ये फर्जीवाड़ा है।

अब पारस बने मोदी के नए हनुमान, कहा वे भगवान हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*