RJD छोड़ते ही रघुवंश ने क्यों लिखी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी ?

RJD छोड़ते ही रघुवंश ने क्यों लिखी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी ?

पार्टी के सूत्रों के अनुसार रघुवंश यह चिट्ठी कभी भी लिख सकते थे, अब जबकि वह राजद छोड़ चुके है ऐसे समय में इस चिट्ठी को रघुवंश प्रसाद सिंह की नीतीश कुमार से नज़दीकी बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जायेगा।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी है. कल ही रघुवंश ने राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

बता दें की रघुवंश प्रसाद सिंह ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर पोस्ट किये गए चिट्ठी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सम्बोधित करते हुए कई मांगें की है जिनमे गणतंत्र भूमि वैशाली में झंडोत्तोलन करने और भगवान बुद्ध के भिक्षापात्र को काबुल से मंगवाने और मनरेगा कानून में आम किसानों की जमीन में काम करने का संशोधन अध्यादेश लाने की मांग प्रमुख है.

राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह की लेटर पॉलिटिक्स से राजनीती गर्माते हुई दिख रही है. पार्टी के सूत्रों के अनुसार रघुवंश यह चिट्ठी कभी भी लिख सकते थे, अब जबकि वह राजद छोड़ चुके है ऐसे समय में इस चिट्ठी को रघुवंश प्रसाद सिंह की नीतीश कुमार से नज़दीकी बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जायेगा।

लालू की रघुवंश को चिट्ठी- आप कहीं नहीं जा रहे, समझ लीजिए

गौरतलब है कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने कल केवल 30 शब्दों में खत लिखकर राष्ट्रीय जनता दल से अलग होने का ऐलान कर दिया था. जिसके जवाब में लालू यादव ने भी एक भावनात्मक चिट्ठी लिखी जिसमे उन्होंने कहा कि “आप कहीं नहीं जा रहे है, समझ लीजिये”. इसके बाद से उनके NDA खेमे में जाने की चर्चा हो रही थी.

लालूजी 32 वर्षो तक आपके पीछे खड़ा रहा, मुझे क्षमा करें लेकिन अब नहीं:रघुवंश

इससे पहले पूर्व लोजपा संसद रामा सिंह (Rama Singh) के राजद में शामिल होने की अटकलों के बीच उन्होंने जून 2020 में RJD के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. दोनों नेता राजपूत समाज से आते है और एक दुसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाते है. रामा सिंह ने 2014 लोक सभा चुनाव में वैशाली सीट से रघुवंश को हरा दिया था. पार्टी छोड़ते समय रघुवंश ने कहा था की “जिस पार्टी की सिंचाई की वह आज मेरी खींचाई कर रही है”. उस समय भी लालू यादव ने उनका इस्तीफा कबूल करने से इंकार कर दिया था. हालांकि रामा सिंह आज तक राजद में शामिल नहीं हो पाए है.

रघुवंश की नाराज़गी के कारण रुकी है राजद में रामा सिंह की एंट्री

हलाकि खबर लिखे जाने तक रघुवंश मामले पर राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव की कोई टिपण्णी नहीं आयी है. हाल ही में तेजस्वी ने रघुवंश की नाराज़गी पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया था. कल राष्ट्रीय जनता दल ने लालू यादव की रघुवंश को चिट्ठी को सार्वजनिक किया था जिसमे लालू ने रघुवंश को रोकने के लिए भावनात्मक अपील किया था.

राजद से अलग होने के एक दिन बाद ही रघुवंश ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखकर उनके और जदयू के बीच नज़दीकी बढ़ने के संकेत मिले। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस चिट्ठी का जवाब कैसे देते है.

बता दें कि सूबे के सियासी गलियारों में आजकल रघुवंश प्रसाद सिंह के राजद से अलग होने की काफी चर्चा है और उनके NDA में शामिल होने की अटकलें लगायी जा रही है.

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