ये कैसी रामनवमी, मस्जिद के सामने उत्तेजक नारे

ये कैसी रामनवमी, मस्जिद के सामने उत्तेजक नारे

रामनवमी का अर्थ बदल गया है। पहले लोग मानस का पाठ करते थे, अब मस्जिदों के सामने उत्तेजक नारे लगा रहे। पुलिस के सहयोग से पत्थरबाजी का वीडियो भी।

दो दिन पहले राहुल गांधी ने कहा था कि देश को बांटा जा रहा है। नफरत फैलाई जा रही है। इसका परिणाम भयानक होनेवाला है। कल से सोशल मीडिया पर अनेक वीडियो प्रमाण हैं कि मस्जिदों के सामने जानबूझकर रुक कर उत्तेजक नारे लगाए गए। कई ऐसे भी वीडियो हैं, जिसमें पुलिसवाले की सुरक्षा में पत्थरबाजी की जा रही है। देश के कई शहरों में तनाव हो गया है।

फिल्म निर्माता विनोद कापरी ने ऐसा ही वीडियो शेयर करते हुए लिखा-गिरे हुए घृणित भगवाधारी .. अपने ही धर्म का अपमान करने में लगे हैं। ये है वीडियो-

कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा-धार्मिक रैली निकालना ऐसा रास्ता चुनना जो मुस्लिम मोहल्ले से होकर जाए मुस्लिम मोहल्लों में और मस्जिदों के सामने जुलूस को रोक देना। आपत्तिजनक नारे लगाना कोई विरोध करे तो रैली पर पथराव की अफवाह फैलाना फिर भीड़ के साथ मुसलमानों की दुकानें जला देना अब ऐसा है नया भारत। पत्रकार राना अयूब ने भी वही वीडियो शेयर करते हुए लिखा-मुसलमानों के खिलाफ जिस तरह से नफरती नारे लगाए जा रहे हैं, उससे उनमें असुरक्षा की भावना को समझा जा सकता है। रमजान के महीने में उन्हें इस तरह जलील होना पड़ रहा है।

लेखक अशोक कुमार पांडेय ने लिखा-जो लोग हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर बताए जाने से परेशान थे वह जान लें- हिंदू रामनवमी पर राम की पूजा करता है, मानस पढ़ता है। हिंदुत्ववादी को यह त्यौहार मनाने के लिए दूसरे धर्म के मोहल्लों में नीच नारे लगाने होते हैं, खून बहाना होता है। यह धर्म नहीं अधर्म है। शिवा द्विवेदी ने लिखा-एक और- हिंदू रामनवमी पर राम की पूजा मन्दिरों में करता है । ( धर्म) हिंदुत्ववादी हर त्यौहार मस्जिदों को घेर कर फिर उसके ऊपर चढ़ के मनाते हैं। ( अधर्म)

रामनवमी पर इस बार देश के कई शहरों में तनाव फैल गया।

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