मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण सिर्फ न्यायालय के आदेश या विभिन्न पक्षों की आपसी सहमति से ही हो सकता है। श्री कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के अपने जीवनकाल में ही अयोध्या में राममंदिर बनाये जाने के बारे में दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी काफी दिनों से इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठा रही है, लेकिन अब इस मसले को लेकर फायदा उठाने का उसका कोई प्रयास सफल नहीं होगा । मुख्यमंत्री ने कहा “अयोध्या में राममंदिर केवल न्यायालय के आदेश या विवादित भूमि पर दावा कर रहे विभिन्न पक्षों के बीच सहमति से ही बनाया जा सकता है।” 
श्री कुमार ने आज कहा कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड चुनाव चिह्न तीर को बदलकर चक्र करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के तीर के ही तरह अन्य दलों के चुनाव चिह्न होने की वजह से पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है । उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि तीर के ही तरह के चुनाव चिह्न दूसरे दलों के भी होने की वजह से जदयू को हजारों मतों का नुकसान हुआ।