न्यू यार्क टाइम्स ने जेएनयू मामले में मोदी सरकार के रवैये पर जबर्दस्त हमला बोला है. अखबार ने 22 फरवरी को लिखे अपने एडिटोरियल में कहा कि मोदी सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोटा है.

इंडियाज क्रेकडाउन ऑन डिसेंट शीर्षक से लिखे एडिटोरियल में अखबार ने कहा है कि दक्षिणपंथी हिंदुवादी मोदी सरकार विरोध की आवाज को दबा रही है. अखबार ने लिखा है कि हाल के दिनों में भारत में भीड़ हत्या की मानसिकता से ग्रसित थी.
गौरतलब है कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस से साथगांठ कर वकीलों की भीड़ ने बेरहमी से पीटा था.
अखबार ने एडिटोरियल के आलावा एक लेख भी लिखा है जिसमें कहा गया है कि यह झड़प मोदी सरकार के शासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. लेख में कहा गया है कि यह स्पष्ट संदेश है कि अतिराष्ट्रवादिता के नाम पर कुछ भी किया जा सकता है.
राजनाथ सिंह की भी आलोचना
अखबार ने मोदी सरकार की कड़ी आलोचना तो की ही है साथ ही उसने केंद्र सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी नहीं बख्शा है.
अखबार ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान को कोट किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई भारत विरोधी नारे लगाता है, देश की एकता और अखंडता को चुनौती देता है तो उसे बख्शा नहीं जायेगा. इस पर अखभार ने लिखा है कि राजनाथ सिंह को अभी तक पता नहीं है कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज लोकतांत्रिक अधिकार है, न कि कोई अपराध.
अखबार ने चेतावनी दी है कि मोदी सरकार ने अपने मंत्रियों पर नियंत्रण नहीं लगाया तो उसे आर्थिक मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ सकता है.