आदापुर में पूरी तरह फेल हुई सात निश्चय नल जल योजना

आदापुर में पूरी तरह फेल हुई सात निश्चय नल जल योजना

आदापुर में सात निश्चय नल जल योजना का बुरा हाल है। कोरैया पंचायत में हाल यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिला।

नेक मोहम्मद

पूर्वी चंपारण जिला के आदापुर प्रखंड सात निश्चय नल जल योजना पूरी तरह फेल है। कोरैया पंचायत की सरपंच शीला देवी ने दिनांक 15-1-2021 को लिखित आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रक्सौल को दिया, जिसमें परिवाद की सुनवाई चार तिथियों में हुई। सभी तारीखों पर परिवादी उपस्थित हुए। न्यायालय के आदेश के बावजूद भी अभी तक वार्ड नंबर 1 और वार्ड नंबर 4 में नल जल योजना चालू नहीं की गई। नल जल योजना आदापुर में शोभा बनकर रह गया है। इस भीषण गर्मी में नल में जल नहीं है। लोग आपने ही चापाकल का पानी पी रहे हैं।

लिखित आवेदन में नल जल योजना में गड़बड़ी का कारण दर्शाया गया है। बिहार राज्य लोक शिकायत निवारण केंद्र के आदेश के बाद भी गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कारवाही नहीं हुई है। हनुमान लाल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सतीश रंजन के द्वारा नल जल योजना की सुनवाई भी की गई है। विभिन्न वार्डों की जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी आदापुर द्वारा कराई गई। अभी तक वार्ड नंबर 8 तथा वार्ड नंबर 4 में सात निश्चय नल जल योजना अभी तक चालू नहीं हुआ।

सरपंच पति श्रीकांत जाधव ने बताया कि बिहार सरकार की सात निश्चय नल जल योजना से जनता को शुद्ध पानी पहुंचे आज तक कुछ वार्डों में नल जल पहुंचा है। बाकी वार्ड में कभी कभार पानी आ जाता है। दलित बस्ती में आज तक नल का जल पहुंचा ही नहीं। कोरैया पंचायत के रामाधार महतो, चंद्रिका राय, विजय कुशवाहा वगैरह का कहना है कि हम लोग आपने चापाकल का पानी पीते हैं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा जांच भी हुई लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। पदाधिकारी भी कोई करवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी बताते हैं कि उन्होंने कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है। लोगों का यह भी कहना है कि पंचायत सचिव हम लोगों की बात नहीं सुनते हैं।सभी दोषी को बचाने की कोशिश हो रही है।

माननीय न्यायालय द्वारा दोषियों के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश भी जारी हो गया है। विकास पदाधिकारी और पंचायत सचिव लोगों को आश्वासन देते रहते हैं कि कार्रवाई होगी लेकिन इतना वक्त बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार से मोबाइल पर संपर्क किया जाता है बयान लेने के लिए लेकिन वह फोन रिसीव नहीं करते हैं। पंचायत सचिव अनिल कुमार भी फोन उठाने से परहेज करते हैं।

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