संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित ‘विश्व फिलीस्तीन दिवस’  के अवसर पर अखिल भारतीय शांति व एकजुटता संगठन ( ऐप्सो ) की पटना इकाई द्वारा पटना में एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया।  यह मार्च मैत्री शांति भवन से निकलकर रमना रोड होते हुए पटना कॉलेज के गेट तक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।

मार्च के दौरान ‘युद्ध नहीं शांति चाहिए’ , फिलीस्तीन में  जनसंहार बंद करो, बच्चों  और महिलाओं को मारना बंद करो, फिलीस्तीन में  सोलह हजार बच्चों  की मौत का जिम्मेवार लोगों को सजा दो, फिलीस्तीन को इजरायली कब्जे से मुक्त कराओ,  साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, इजरायल के प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री युद्ध अपराधी हैं  जैसे नारों के एकजुटता मार्च के दौरान लगते रहे।  मार्च का नेतृत्व करने वालों में प्रमुख थे ऐप्सो के राज्य महासचिव अनीश अंकुर,  प्राच्य प्रभा के संपादक विजय कुमार सिंह, पटना जिला महासचिव भोला शर्मा, कुलभूषण गोपाल,  जयप्रकाश।

सभा को संबोधित करते हुए उर्दू  पाक्षिक गुलाम सरवर आजाद ने बताया ”  युद्ध जब तक रहेगा शांति नहीं आएगी। आज फिलीस्तीन को गुलाम बनाया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर हत्या की जा रही है। आज इजरायल की पीठ अमेरिकन साम्राज्यवाद खड़ा है। ”

शिक्षाविद रौशन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा  ” फिलीस्तीन की लड़ाई के साम्राज्यवाद  खिलाफ राष्ट्रवादी लड़ाई है। दुनिया का अडतालीस प्रतिशत हाइड्रोकार्बन फिलीस्तीन  से होकर गुजरता है। उसी पर कब्जे की लड़ाई है। इजरायल के प्रधानमंत्री को इंटरनेशनल कोर्ट और जस्टिस से युद्ध अपराधी करार देकर उसके गिरफ्तारी की मांग की है। ”

सेना से अवकाश प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद प्रसाद ने बताया ”  आज फिलीस्तीन में जो हो रहा है वह खुला जेल है। निहत्थे लोगों की मनमाने ढंग से हत्या की जा रही है। मानवता का कत्लेआम हो रहा है।  हमारे अखबार ऐसे मसलों पर चुप रहते हैं। मेरे एक मित्र जब कांगो गए थे बताया था वहां की मिट्टी को हेलीकॉप्टर से अमेरिका ले जाया जा रहा है।  ताकि अल्युमिनियम उसमें से निकाल सके। भारत की पूरी सरकार एक दो  आदमी के पीछे  सरकार खड़ी है। कोरोना काल में ऐसे लोगों ने प्रतिदिन दो तीन करोड़ कमा रहे हैं। ”

ऐप्सो के पटना  जिला महासचिव भोला शर्मा के अनुसार ” भारत में भाजपा के इजरायल  के समर्थन में अभियान चला रही है। हमारी पुरानी विदेश नीति के उलट काम किया जा रहा है। “छत्रपाल  प्रसाद ने कहा ” ऐप्सो पूरे बिहार में आम लोगों को अमेरिका-इजरायल के नापाक गठजोड़ से  परिचित कराने का काम कर रहा है।”

मसौढ़ी से सुरेंद्र कुमार ने कहा ” फिलीस्तीन में होबराही सारी गड़बड़ी के एकड़ में अमेरिकी साम्राज्यवाद है। वह शोषण करता है और जमीन हड़पने का काम करता है। फिलीस्तीन में युद्ध बंद होना चाहिए।”

———–

संभल मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, लोगों ने राहत की सांस

————

शगुफ्ता रशीद ने कहा ” यह कितने शर्म की बात है की हम जिसके सरपरस्ती में रह रहे हैं  वे आज इजरायल का समर्थन कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता उदयन और राजीव रंजन ने भी अपनी बातें रखीं।

पटना जिला किसान सभा के संयोजक गोपाल शर्मा, फिल्म अभिनेता रमेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता शौकत अली, इस्कफ नेता आनंद शर्मा , रंगकर्मी गौतम गुलाल, भोला पासवान, डॉ अंकित मार्च में शामिल थे।

जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी

By Editor