बिहार में दलित राजनीति गरमाई, Ex DGP बीके रवि कांग्रेस में शामिल

बिहार में दलित राजनीति गरमाई, Ex DGP बीके रवि कांग्रेस में शामिल

बिहार में दलित राजनीति गरमाई, Ex DGP बीके रवि कांग्रेस में शामिल। सदाकत आश्रम, पटना में मिलन समारोह में बताया खाकी से खादी की यात्रा।

पिछले एक सप्ताह से बिहार की दलित राजनीति गरमा गई है। हाल में जदयू ने पटना में भीम संसद आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति के लोग शामिल हुए। अब शनिवार को तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी बीके रवि कांग्रेस में शामिल हो गए। आज कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व डीजीपी की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य के सभी प्रमुख कांग्रेस नेता उपस्थित थे। बीके रवि रविदास समुदाय से आते हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने से बिहार में कांग्रेस को एक नया दलित चेहरा मिल गया है।

बिहार में अब तक पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ही प्रमुख दलित चेहरा थीं। हालांकि उनकी उम्र अधिक होने के कारण वे पार्टी के लिए उस रूप में सक्रिय नहीं दिखती हैं। अब अरेक्षाकृत उनसे काफी कम उम्र के बीके रवि के पार्टी में शामिल होने से दलितों के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ेगी, ऐसा माना जा रहा है। संभव है पार्टी उन्हें समस्तीपुर से लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के बतौर उतारे।

बीके रवि ने सदाकत आश्रम में मिलन समारोह में अपनी खाकी से खादी तक की यात्रा का जिक्र किया। हाल में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व से उनकी बात हो चुकी है, तभी उन्होंने सेवा से मुक्त होने का निर्णय लिया।

बीके रवि के कांग्रेस में शामिल होने से दलित राजनीति में गहमा गहमी दिख रही है। जदयू का भी पूरा जोर दलितों पर है। राजद भी दलितों को पार्टी की तरफ आकर्षित करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। अब कांग्रेस भी दलितों को आकर्षित करने की कशमकश में शामिल हो गई है। महागठबंधन या इंडिया गठबंधन का पूरा जोर दलितों को संगठित करने पर है। इस समुदाय का एक हिस्सा भाजपा के साथ रहा है। इंडिया गठबंधन के इस जोर से भाजपा की चिंता बढ़ गई है।

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