चंद्रशेखर आजाद को तिवारी जनेऊधारी कहने पर तीखी प्रतिक्रिया

चंद्रशेखर आजाद को तिवारी जनेऊधारी कहने पर तीखी प्रतिक्रिया

देश कहां और किधर जा रहा है? ट्विटर पर तिवारी जनेऊधारी ट्रेंड कर रहा है। स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद को इस तरह जाति के साथ जोड़ने पर किसने क्या कहा?

कल ही मोदी मंत्रिमंडल की एक सदस्य ने किसान आंदोलनकारियों को मवाली कह दिया और आज स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों में एक चंद्रशेखर आजाद को ‘तिवारी जनेऊधारी’ बता कर ट्रेंड कराया जा रहा है। आजाद को इस तरह जाति के दायरे में बांधना न सिर्फ आजाद का अपमान है, बल्कि पूरे स्वतंत्रता आंदोलन का मजाक बनाना है।

प्राध्यापक और लेखक पुरुषोत्तम अग्रवाल ने दुख जताते हुए कहा-हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के कमांडर चंद्रशेखर आज़ाद याद किये जा रहे हैं तिवारी जनेऊधारी के रूप में..। समय की लीला।

कवयित्री सुजाता ने तंज कसा-चंद्रशेखर ‘आज़ाद’। ई आज़ाद कौन जात होते हैं भैया? सुना आज़ादी की लड़ाई के बखत अदालत के सामने 15 साल का छोकरा बाप का नाम स्वतंत्रता बोला और अपना ‘आज़ाद’! कई लोगों ने ट्वीट करके कहा कि यही हाल रहा, तो बहुत जल्द डॉ. आंबोडकर बौद्ध और भगत सिंह सिख बनकर रह जाएंगे।

इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा-स्वतंत्रता आंदोलन के हमारे महान नायकों में एक चंद्रशेखर आजाद का जन्म आज के ही दिन 1906 में हुआ। उन्होंने एचआरए और बाद में एचएसआरए का नेतृत्व किया। अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने ट्वीट किया- मैं एक ऐसे धर्म में विश्वास करता हूं, जो स्वतंत्रता, बराबरी और भाईचारे का प्रचार करे-चंद्रशेखर आजाद। राजेंद्र कुंभात ने लिखा- अगर कोई व्यक्ति बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिये दिल्ली में ‘सत्याग्रह’ कर सकता है तो फिर ये फ़र्ज़ी देशभक्त चुनावी फ़ायदे के लिये कुछ भी कर सकते हैं।

सुमेश मौर्या ने ट्वीट किया- भगतसिंह जैसे सैकड़ों क्रांतिकारियों ने एकजूट होकर एक मरनासन्न संस्था ‘हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन’ का पुनरोद्धार किया था|भगतसिंह ने इसके नाम में ‘सोशलिस्ट’ शब्द भी जोड़ दिया था,जिसके बाद इसका नाम बदलकर ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन’ हो गया था|इस संस्था की एक सशस्त्रशाखा भी थी,जिसका नेतृत्व चन्द्रशेखर आजाद के हाथ में था|वे एक सीनियर इन्कलाबी थे और पार्टी के सबसे अच्छे निशानेबाज|

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उधर सोशल मीडिया पर कई लोग क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के नाम के साथ तिवारी जोड़कर उन्हें याद कर रहे हैं। ऐसे लोग उन्हें ब्राह्मण साबित करने पर जुटे हैं। आज आजादी के दीवाने चंद्रशेखर आजाद के बारे में लोग कई हैशटैग के साथ लिख रहे हैं।

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