देश खतरे में, लोकतंत्र की जरूरत सबसे ज्यादा गरीबों के लिए : दीपंकर

लोकतंत्र की जरूरत सबसे ज्यादा गरीबों के लिए : दीपंकर

पटना में भाकपा माले की बड़ी रैली हुई। दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। लोकतंत्र की जरूरत सबसे ज्यादा गरीबों के लिए है।

भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। बोलने, विरोध करने, मांग करने पर, जनता की आवाज पर रोक लगाई जा रही है। लोकतंत्र की सबसे ज्यादा जरूरत गरीबों को है। अगर गरीब चाहता है कि उसकी मजदूरी बढ़े, मनरेगा का पैसा समय पर मिले, किसान चाहते हैं कि खाद की कमी न हो, युवा चाहता है कि रोजगार मिले, तो इसके लिए लोकतंत्र जरूरी है। मोदी सरकार इसी लोकतंत्र को खत्म करने के रास्ते पर चल रही है। राजा चाहता है कि लोग अपनी मांग भूल कर उसकी हर बात पर ताली बजाएं। ऐसा नहीं होगा। आजादी की लड़ाई में जिस तरह हर वर्ग के लोग एकजुट हुए, उसी तरह जनता की ताकत ही लोकतंत्र को बचाएगी। और इसे लिए यहां इतनी बड़ी संख्या में गरीब जुटे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2047 तक अमत काल है। अमृत काल का अर्थ है कर्तव्य काल। अधिकार का काल बहुत हुआ, अब कर्तव्य का काल है। उन्होंने बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी को बैन कर दिया। अब उसके दफ्तरों पर छापे मारे जा रहे हैं। भाजपा के लोग कह रहे हैं कि गुजरात पर डॉक्यूमेंटरी बनाना देश की छवि खराब करना है। गुजरात दंगे की क्यों याद दिलाई जा रही है। दीपंकर ने कहा कि गुजरात को बार-बार याद किया जाएगा। हम गुजरात को तब तक नहीं भूल सकते, जब तक सांप्रदायिक ताकतों को, दंगाई ताकतों को समाप्त नहीं कर दिया जाता।

दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि मोदी सरकार अडानी-अंबानी की सरकार है। गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। उनके लिए विकास का अर्थ है अडानी का विकास, जबकि हमारे लिए विकास का अर्थ है गरीब बच्चों के लिए शिक्षा, पीने का पानी, 24 घंटे बीजली, सबको रहने का घर, रोजगार। उन्होंने कहा कि माले की ताकत गरीब हैं। माले गरीबों के लिए लड़ता रहा है, लड़ता रहेगा। माले मजबूत होगा, तो महागठबंधन मजबूत होगा। विपक्षी एकता मजबूत होगी। भाकपा माले का महाधिवेशन कल गुरुवार से पटना में शुरू होगा।

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