पटना में सनातन कुंभ को संबोधित करते हुए कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे भारत को भगवा-ए-हिंद बनाना चाहते हैं। कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बना कर छोड़ेंगे। उन्हें मुसलमानों से कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत है, उन हिंदुओं से जो जाति की बात करते हैं। जाहिर है उनका इशारा राहुल गांधी, तेजस्वी यादव जैसे इंडिया गठबंधन के नेताओं की तरफ था, जो जाति गणना की मांग कर रहे हैं। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत को खत्म करने की बात कर रहे हैं। रविवार को हुए इस कुंभ में बिहार भाजपा के सभी बड़े नेता, सांसद और मत्री मौजूद थे। इसका उद्घाटन राज्यपाल ने किया।

धीरेंद्र शास्त्री के वक्तव्य पर राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा जाति गणना, आरक्षण, दलितों-पिछड़ों की हिस्सेदारी की मांग से परेशान है। हालांकि केंद्र सरकार ने देश में जाति गणना कराने की मांग स्वीकार कर ली है, लेकिन भाजपा कभी इस पर बात नहीं करती है।

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तथाकथित दर्जनों संतों और आचार्यों का पटना में इस प्रकार जुटान, उसमें भाजपा नेताओं की सक्रिय भागीदारी से स्पष्ट है कि भाजपा को बिहार चुनाव कठिन लग रहा है और वह चाहती है कि किसी प्रकार चुनाव में धर्म के नाम पर हिंदू गोलबंदी हो।

कई जानकारों का कहना है कि भले ही भाजपा को लग रहा हो कि खुलेआम इस प्रकार हिंदू राष्ट्र की बात करके ये तथाकथित संत उन्हें चुनाव में मदद पहुंचा रहे हैं, लेकिन वास्तव में इसका उल्टा हो सकता है। दलितों और पिछड़ों का जो हिस्सा भाजपा के साथ जुड़ा है, वह छिटक सकता है।

गौर करने वाली बात यह भी है कि इस जुटान में केवल भाजपा के नेता मंच पर दिखे। एनडीए के अन्य दलों ने सनातन कुंभ से दूरी बनाई और कोई भी नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

 

 

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