बिहार एनडीए में भाजपा-जदयू में सिरफुटौव्वल तेज हो गई है। भाजपा के मंत्री ने ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करके फजीहत कर दी है। राजद ने कहा कि सुशासन का भांडा फूट गया है। अब नीतीश कुमार के मंत्री ही उन्हें आईना दिखा रहे हैं।

बिहार सरकार में भाजपा कोटे के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने पहली बार स्वीकार किया कि राज्य में बिना घूस दिए कोई काम नहीं हो रहा है।  अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहां भी जाता हूं, यही शिकायत मिलती है कि अंचल कार्यालय में बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता है। राजस्व कर्मचारियों और दलालों ने भू-माफिया के साथ मिल कर सिस्टम पर कब्जा कर लिया है। देखते-देखते मंत्री का यह बयान देशभर में वायरल हो गया।

भाजपा कोटे के मंत्री ने जिस प्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन की हवा निकाल दी है, उससे भाजपा-जदयू के रिश्ते में नया तनाव आ गया है। रूपौली विधानसभा चुनाव में भाजपा समर्थकों ने जदयू को वोट नहीं दिया, इसलिए जदयू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि यहां मुख्यमंत्री खुद भी चुनाव प्रचार के लिए गए थे। रूपौली से पहले केंद्र से विशेष राज्य के दर्जे अथवा विशेष पैकेज को लेकर जदयू ने दबाव बनाया था, अब भाजपा ने नीतीश राज में भ्रष्टाचार की बात स्वीकार करके जदयू और खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

इधर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल को बधाई देते हुए कहा है कि उन्होंने सच्चाई स्वीकारने और अपनी ही सरकार को आईना दिखाने की हिम्मत की है। ज्ञातव्य है कि डॉ जायसवाल ने कल अपर समाहर्ताओं की बैठक में खुले तौर पर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को स्वीकार किया था। राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप धारण कर लिया है। यह आज की हकीकत है। सत्ता पक्ष के लोग भी इसे जानते हैं, पर डर से वे बोलते नहीं हैं। सरकार लाख दावा करे पर स्थिति यह है कि हर विभाग के हर टेबल पर बीना दक्षिणा का कोई काम नहीं होता। रिश्वत के बल पर गलत से गलत काम भी सभी कायदे कानून को नजरंदाज करते हुए आसानी से हो जाता है। वहीं बिना रिश्वत के सही काम को भी कोई न कोई अड़चन लगा कर उलझा दिया जाता है।

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राजद प्रवक्ता ने कहा कि पुल पुलिया और भवन का गिरना, सड़क का धंसना और बांध का टूटना ये सब तो भ्रष्टाचार का शिकार है हीं लेकिन जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर व्यवस्था का अंग बन चुकी भ्रष्टाचार से आमलोग बेबस और त्रस्त है । कोई सुनने वाला नहीं है। जितना उससे मुक्त होने का प्रयास करता है उतना हीं ज्यादा उसमें फंसता चला जाता है।

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By Editor


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