एंडोस्कोपी डीसीआर से आंसू अधिक आने की परेशानी का तुरंत निदान

एंडोस्कोपी डीसीआर से आंसू अधिक आने की परेशानी का तुरंत निदान

अगर आंखों में आंसू या पानी अधिक आता है, तो आंसू की ग्रंथि (लेक्राइमल ग्लैंड) से निकलनेवाली नली में ब्लॉकेज है। पारस एचएमआरआई अस्पताल से जानिए इलाज।

आंखों में आंसू या पानी आने की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में मरीज आंख के डॉक्टर के पास जाता है, लेकिन इलाज की यह प्रक्रिया काफी लंबी, खर्चीली और दर्द देने वाली होती है। साथ में चेहरा पर दाग भी हो जाता है। ऐसे में एंडोस्कोपी डीसीआर विधि काफी लाभकारी सिद्ध हो रहा है। लोग एक दिन में आंखों की इन समस्या से निदान पा रहे हैं। साथ में चेहरे पर कोई दाग भी नहीं होता है।

पारस एचएमआरआई अस्पताल में ईएनटी की सर्जन डॉ. रश्मि प्रसाद का कहना है कि आंखों में आंसू या मवाद आने की समस्या आंसू की ग्रंथि (लेक्राइमल ग्लैंड) से निकलनेवाली नली में ब्लॉकेज होने से होता है। इस नली के ब्लॉकेज होने से आंखों के किनारे सूजन भी हो जाता है। एंडोस्कोपी डीसीआर (डेक्रो सिस्टो राइनो स्टोमी) विधि से इससे निजात पाया जा सकता है। इसमें नाक के माध्यम से ऑपरेशन कर के इस ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है। इस सर्जरी में कोई टांका नहीं लगता और न ही ऑपरेशन के बाद चेहरे पर दाग की कोई समस्या होती है। इसमें घाव जल्दी भर जाता है। इस ऑपरेशन के असफल होने की आशंका भी बेहद न्यून होती है। मरीज ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उसी दिन घर जा सकता है। इसमें रिकवरी भी तेजी से होता है। पारस अस्पताल में एंडोस्कोपी डीसीआर सर्जरी उपलब्ध है। यदि किसी को इस तरह की समस्या है तो वो पारस अस्पताल में दिखा सकते हैं।

Hepatitis Day : पारस हाॅस्पिटल ने बताया हेपेटाइटिस से कैसे बचें

डॉ. रश्मि कहती हैं कि आंखों में आंसू या मवाद आने का पारंपरिक निदान थोड़ा मुश्किल होता है। आंख के डॉक्टर आंख के ऊपर इसके लिए सर्जरी करते हैं। सर्जरी में टांका लगता है। उसकी ड्रेसिंग करनी होती है। ऐसे में संक्रमण की आशंका होती है। सर्जरी के बाद चेहरा पर दाग भी हो जाता है। ऐसे में एंडोस्कोपी डीसीआर सर्जरी आंखों की इस तरह की समस्या के लिए काफी बेहतर है।

पारस हाॅस्पिटल में हथेली से कटी पांचों अंगुलियां जोड़ी गयीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*