IAS रणजीत ने लिखी किताब-IAS-IPS परीक्षा में सफलता के सीक्रेट्स

IAS रणजीत ने लिखी किताब-IAS-IPS परीक्षा में सफलता के सीक्रेट्स

IAS डॉ. रणजीत कुमार सिहं ने किताब लिखी है-IAS-IPS परीक्षा में सफलता के सीक्रेट्स। गुजरात कैडर के आईएएस रणजीत बिहार में भी कई पदों पर रह चुके हैं।

IAS डॉ. रणजीत कुमार सिहं ने किताब लिखी है-IAS-IPS परीक्षा में सफलता के सीक्रेट्स। गुजरात कैडर के आईएएस रणजीत कुमार सिंह का जन्म वैशाली में हुआ। उन्होंने पटना कॉलेज से स्नातक, पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी और पीयू से पीएचडी किया। अपनी पुस्तक में उन्होंने आईएएस-आईपीएस परीक्षा में सफलता के सीक्रेट्स में आईएएस-आईपीएस परीक्षा का सबसे कठिन चरण क्या होता है, घर पर रहकर तैयारी कैसे करें, आईएएस आईपीएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी, आईएएस-आईपीएस में स्मार्ट वर्क बनाम हार्ड वर्क, यूपीएससी परीक्षा में पहले प्रयास में सफल होने की रणनीति सहित कई बिंदुओं को विस्तार से समझाया है।

2008 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रणजीत कुमार सिंह बिहार में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे शिक्षा विभाग एवं पंचायती राज राज विभाग के निदेशक रह चुके हैं। सीतामढ़ी के डीएम भी रह चुके हैं। पटना में मिशन 50 नामक संस्था के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए 1850 उम्मीदवारों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर चुके हैं।

डॉ. रणजीत ने कहा-आप सभी के मन में यह प्रश्न आ रहा होगा कि मुझे यह पुस्तक लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली। बात उन दिनों की है, जब मैं छठी कक्षा में पढ़ता था। विद्यालय आने-जाने के क्रम में बुक-स्टॉल पर मैं ‘आई.ए.एस. ऑफिसर बनने के लिए क्या योग्यताएँ होनी चाहिए’ और ‘कब तथा कैसे सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं,’ से संबंधित किताबें खोजा करता था।

शायद ही ऐसा कोई दिन गया होगा जब मैंने ‘आई.ए.एस. अधिकारी कैसे बनें’ आदि टाइटल से किताब नहीं खोजी होगी। लेकिन हमेशा निराशा ही हाथ लगी। पुस्तक विक्रेता को कई बार 20-30 रुपए एडवांस के रूप में भी दिए कि वे कहीं से भी खोजकर ‘आई.एस.एस. ऑफिसर कैसे बनें’ पुस्तक ला दें, किंतु मेरी यह खोज 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास होने के बाद भी जारी रही। जब मैं आई.ए.एस. अधिकारी बन गया, तब भी ऐसी पुस्तक नहीं मिली। आज जब इस पुस्तक को तैयार कर रहा हूँ तो मेरी बचपन की यादें ताजा हो रही हैं।

मैं आशा करता हूँ कि सभी यूपीएससी अभ्यर्थियों के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं के उत्सुक मन की खोज को पूरा करने में भी यह पुस्तक सफल होगी। मैं सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। पुस्तक में यदि कोई त्रुटि हो या कोई बेहतर सुझाव देना चाहते हैं, तो drranjitkumarsinghiasdr@gmail.com पर अवश्य मेल करें। प्रत्येक सुझाव का गर्मजोशी से स्वागत करूँगा।

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