इंडिया गठबंधन की मीटिंग से पहले नीतीश ने बुलाई नेताओं की बैठक

इंडिया गठबंधन की मीटिंग से पहले नीतीश ने बुलाई नेताओं की बैठक

इंडिया गठबंधन की मीटिंग से पहले नीतीश ने बुलाई नेताओं की बैठक। सीएम ने वरिष्ठ नेताओं को दी बड़ी जिम्मेदारी। जनवरी में पार्टी का राज्यस्तरीय प्रोग्राम।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ तीन मोर्चों पर काम कर रहे हैं। वे इंडिया गठबंधन के महत्वपूर्ण नेता हैं। उसकी बैठक 19 दिसंबर को दिल्ली में होगी। इसके लिए वे अपना एजेंडा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर वे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का दौरा कर सकते हैं। शुरुआत पूर्वी यूपी के बनारस से या फूलपुर से कर सकते हैं। इस बीच सोमवार को उन्होंने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं की अचानक बैठक बुलाई, जिसमें राज्य में चुनावी तैयारी पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नेताओं से फीडबैक लिया।

जनवरी में जदयू का एक बड़ा कार्यक्रम है। 24 जनवरी को पटना में कर्पूरी जयंती पर लाखों लोगों को जुटाने की तैयारी चल रही है। पार्टी के लिए इस कार्यक्रम का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि पार्टी ने कार्यक्रम घोषित होने के चंद दिनों में ही इसकी तैयारी के लिए कई बैठकें की हैं। इस रैली से पार्टी जाति गणना के बाद अतिपिछड़ों को साधने की कोशिश करेगी। अतिपिछड़ों को पार्टी से जोड़ना पार्टी के लिए जीवन-मरण का प्रश्न है। इस बात से नीतीश कुमार वाकिफ हैं।

पिछले दिनों पार्टी ने भीम संसद किया था, जिसमें दलितों की बड़ी भागीदारी हुई थी। अब इसके बाद पार्टी नजर अतिपिछड़ों पर हैं। ये दोनों तबके पार्टी की जीत के नींव हैं, जिन्हें पार्टी अपनी तरफ लाने के मामले में आश्वस्त होना चाहती है। सोमवार को भी कर्पूरी जयंती की सफलता के लिए राज्य कार्यालय में अतिपिछड़े तमाम नेताओं के साथ वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की, जिसमें हर जिले से अच्छी भागीदारी की गारंटी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, विधान परिषद के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी, विधान पार्षद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह ‘‘गांधी जी’’, विधान पार्षद सह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद खान, पूर्व मंत्री हरि नारायण सिंह, नरेन्द्र नारायण यादव उपस्थित थे।

भारत ने 1981 में फिलीस्तीन के पक्ष में डाक टिकट जारी किया था