इंडिया गठबंधन के 25 दिग्गज दिल्ली पहुंचे, भाजपा के कान खड़े

इंडिया गठबंधन के 25 दिग्गज दिल्ली पहुंचे, भाजपा के कान खड़े

इंडिया गठबंधन के 25 दिग्गज दिल्ली पहुंचे, भाजपा के कान खड़े। अभी से 2024 में जीत का दावा करने वाली भाजपा परेशान। कल के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सबकी नजर।

इंडिया गठबंधन की बैठक कल मंगलवार को दिल्ली में होगी। बैठक में शामिल होने के लिए सोमवार दोपहर से ही गठबंधन के दिग्गज दिल्ली पहुंचने लगे। शाम होते-होते लगभग सारे बड़े नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच गए हैं। वे आज रात कई नेताओं से मुलाकत करने वाले हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ममता बनर्जी से मिले। दोनों के बीच 45 मिनट तक बातचीत हुई। दिल्ली में विपक्षी दिग्गजों के जुटने से भाजपा के कान खड़े हो गए हैं। इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं।

भाजपा इस बात से परेशान है कि अगर विपक्षी दल एक के खिलाफ एक प्रत्याशी देने पर सहमत हो जाते हैं, तो उसके लिए बड़ी परेशानी होगी। इधर विपक्ष के कई नेता कह चुके हैं कि वे भाजपा के हर प्रत्याशी के खिलाफ विपक्ष का एक प्रत्याशी देने पर सहमत हैं। पिछली बार 2019 में ऐसा नहीं हुआ था। दिल्ली में आप और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी खड़े थे, जिसका फायदा भाजपा को मिला। बंगाल में भाजपा को 18 सीटों पर जीत मिली थी। वहां भी भाजपा के खिलाफ टीएमसी और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी खड़े थे। दिल्ली हो या बंगाल या यूपी अगर भाजपा के खिलाफ विपक्ष ने साझा प्रत्याशी दिया, तो भाजपा की सीटें कम होना तय है। भाजपा के लिए यह सबसे बड़ी परेशानी है।

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद भाजपा और मीडिया ने ऐसा प्रचार किया कि विपक्ष तो अब खत्म हो गया है। अब कल जब विपक्ष के 25 से ज्यादा दिग्गज एक मंच पर खड़े होंगे, तो विपक्ष के खत्म हो जाने का प्रचार खुद ही खंडित हो जाएगा।

भाजपा ने यह भी मान लिया था कि अब इंडिया गठबंधन बिखर जाएगा। अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता कमलनाथ के बयानों को इस प्रकार हवा दी गई कि इंडिया गठबंधन अब एकजुट नहीं रह सकता। लेकिन कल की बैठक भाजपा के उस नैरेटिव को ध्वस्त कर देगी। दिल्ली में जिस प्रकार गठबंधन के नेता एक दिन पहले ही पहुंचने लगे हैं, उससे गठबंधन में फिर से उत्साह आ गया है।

संसद की सुरक्षा में जिस प्रकार चूक हुई, उस पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बयान की मांग पर सारा विपक्ष एकजुट हो गया है। संसद के वर्तमान सत्र में सत्ता पक्ष ने विपक्ष के 92 सांसदों को निलंबित कर दिया है। आज एक दिन में 78 सांसद निलंबित किए गए। इसके बावजूद विपक्ष का जोश कम नहीं हुआ है, बलल्कि वह आक्रामक तरीके से मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ खड़ा हो गया है। इंडिया गठबंधन की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहेगा।

इंडिया गठबंधन कल की बैठक के बाद अपना झंडा या कार्यक्रम घोषित कर सकता है। कोई नारा दे सकता है। इस तरह देश की राजनीति के केंद्र में फिर से विपक्ष आ सकता है। भाजपा इन्हीं कारणों से परेशान है।