JDU Ex-MLA की मांग, 2025 नहीं, अभी ही तेजस्वी को बनाएं CM

JDU Ex-MLA की मांग, 2025 नहीं, अभी ही तेजस्वी को बनाएं CM

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2025 चुनाव में तेजस्वी यादव ही CM face होंगे। अब JDU के Ex-MLA ने कहा, 2025 क्यों, अभी ही तेजस्वी को बना दें CM।

अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं होंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद राजनीति भीतर ही भीतर गरमाने लगी है। अब जदयू के पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा ने कहा कि 2025 तक देर हो जाएगी। नीतीश कुमार अभी ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद सौंप दें और खुद राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने का प्रयास करें।

कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो करना था, कर लिया। अब पुराने कार्यों-उपलब्धियों को गिनाने से काम नहीं चलेगा। बिहार को अब और आगे ले जाने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है। तेजस्वी यादव युवा हैं और बिहार को आगे ले जाने के लिए उनके पास अपनी योजना है। अभी ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना देने से उनके पास लगभग तीन वर्ष का समय होगा। तीन वर्ष में तेजस्वी यादव अपने विजन के अनुसार बिहार को आगे ले जाएंगे। तब 2025 में महागठबंधन बेहतर स्थिति में होगा।

जदयू के पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुराने ढंग से सत्ता चलाना चाहते हैं, जबकि बिहार जहां पहुंचा है, वहां से आगे ले जाने के लिए नए नारे, नए कार्यक्रम की जरूरत है। लड़कियों को साइकिल देने, गांव-गांव में सड़क बना देने की बात से अब बिहार को आगे ले जाना संभव नहीं है। क्या किया से ज्यादा जरूरी है क्या करना चाहते हैं।

तेजस्वी यादव का एजेंडा आकर्षित करनेवाला है। उनका जोर रोजगार, शिक्षा में सुधार, अस्पतालों में सुधार और हर समाज को साथ ले चलने का है। उनके इस एजेंडे को 2020 विधानसभा चुनाव में समर्थन भी मिला था, जिससे राजद सबसे बड़ा दल बना।

शराबबंदी कानून की सीमाएं भी सबके सामने हैं। पुलिस तंत्र का एक हिस्सा शराब के अवैध धंधे में लिप्त है। अब तो यह भी बात खुल गई है कि छपरा में थाने से ही स्प्रीट की सप्लाई की गई। शराबंदी कानून के कारण सबसे ज्यादा समाज के गरीब तबके जेल गए। इस तबके में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। काले धंधे की काली कमाई का समानांतर अंर्थतंत्र खड़ा हो गया है। पुलिस तंत्र की संलिप्तता और काले धंधे की कमाई पर भी तेजस्वी अपने ढंग से कदम उठा सकेंगे, ताकि गरीब वर्ग की नाराजगी कम हो और फिर से उनका समर्थन मिले।

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