राज्य के सबसे बड़े अधिकारी होते हैं चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी, जो सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठते हैं, लेकिन बिहार में अब पहली बार ऐसा हो रहा है कि सीएस और डीजीपी की मीटिंग मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री ले रहे हैं। राजद ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। पार्टी ने कहा कि अब भाजपा ने नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने का प्लान तैयार कर लिया है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि नीतीश कुमार अब दिखावे के लिए भी मुख्यमंत्री नहीं रह गए हैं। उनके बिना सीएस और डीजीपी की मीटिंग हो रही है और फैसले लिये जा रहे हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा कि अब व्यावहारिक रूप से राज्य की सत्ता पर भाजपा का कब्जा हो गया है।
राजद ने सोशल मीडिया एक्स में एक फोटो शेयर किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ राज्य के आला अधिकारी सीएस और डीजीपी बैठे हैं। राजद ने कहा कि बिहार में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। स्पष्ट है कि नीतीश कुमार के लिए एक्जिट प्लान तैयार हो गया है।
इधर वक्फ बिल को लेकर भी राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। कल मंगलवार को वक्फ बिल पर संसद में चर्चा शुरू हो सकती है। इस मुद्दे पर भी जदयू लगभग भाजपा के साथ है। हालांकि उसने तीन सुझाव केंद्र सरकार को दिए हैं, लेकिन उन सुझावों में प्रशासनिक हस्तक्षेप पर रोक के लिए कोई सुझाव नहीं है।
जदयू ने जो सुझाव दिए हैं उनमें पहला, जमीन का सवाल राज्य सरकारों का है, इसे न बदला जाए। दूसरा पहले से निबंधित वक्फ संपत्ति पर नया कानून लागू नहीं हो। अगर विवाद हो तभी नया कानून लागू हो और तीसरा कि अगर वक्फ की संपत्ति निबंधित नहीं है, लेकिन वहां मस्जिद या दरगाह बनी हो, तो उसे न तोड़ा जाए। दूसरी तरफ विपक्षी दल वक्फ संशोधन बिल को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे हैं।