मनीष कश्यप पर बिहार के मज़दूरों की पिटाई का फर्ज़ी वीडियो शेयर करने का आरोप है. इस मामले में तमिलनाडु पुलिस ने एनएसए लगाया है.

मनीष कश्यप गिड़गिड़ाया, पूछताछ में मांगता रहा माफी

जिस मनीष कश्यप को नफरती गैंग वीर साबित करने पर तुला है, वह ईओयू की पूछताछ में बार बार माफी मांगता रहा। मनीष से पूछताछ के बाद एक नया कश्यप गिरफ्तार।

देश के दो प्रदेशों में तनाव और हिंसा फैलाने की साजिश करने वाले फर्जी पत्रकार मनीष कश्यप से ईओयू ने गुरुवार को पूछताछ की। मीडिया से मिल रही खबरों के मुताबिक मनीष कश्यप बार-बार अपनी गलती कबूल करता रहा और माफी मांगता रहा। उससे पूछताछ में ईओयू को कई अहम जानकारियां मिली हैं। उससे मिली जानकारी के बाद पुलिस ने नागेश कश्मायप को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में हास्यास्पद यह है कि जिस मनीष कश्यप को सोशल मीडिया में नफरती मिजाज वाले दूसरे लोग वीर साबित करने पर तुले हैं, वह तो वीर सावरकर की राह पर बार-बार गलती कबूल कर रहा है। इससे पहले उसके रोते हुए फोटो आ चुके हैं। अभी तो तमिलनाडु पुलिस की पूछताछ बाकी है। जमानत मिलने की दूर-दूर संभावना नहीं दिख रही, क्योंकि उसके खिलाफ एक नहीं, दसियों मामले दर्ज हैं और पुलिस ने इस बार पूरे सबूत के साथ कार्रवाई की है।

मनीष कश्यप से पूछताछ के बाद पुलिस ने नागेश कश्यप को गिरफ्तार किया है। बिहार पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बहुत जल्द मनीष के कुछ और भी सहयोगी गिरफ्तार किए जाएंगे। नफरत और हिंसा फैलाने की कोशिश में मनीष के कई सहयोगी रहे हैं।

नफरती गैंग की परेशानी बढ़ गई है। अभी वह मनीष कश्यप को वीर साबित कर भी नहीं पाया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बम से उड़ा देने की धमकी देने वाला गुजरात से गिरफ्तार हो गया है। उसका नाम अंकित मिश्रा है। अब देखना है कि यह नफरती गैंग अंकित मिश्रा को कब वीर साबित करना शुरू करता है।

मनीष कश्यप मामले में मुख्य धारा की मीडिया का हाल यह है कि देश की एकता के लिए खतरनाक मनीष कश्यप को वह विवादास्पद यूट्यूबर बता रहा है, हालांकि सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में उसे दंगा फैलाने वाला, तनाव फैलाने वाला, राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने वाला, दो राज्यों में तनाव फैलानेवाला बताया जा रहा है।

मनीष कश्यप का पर्दाफाश होने के बाद उसके साथ फोटो खिंचवाने वाले खास दल के नेताओं ने भी समर्थन देने से हाथ खींच लिया है। कई लोगों ने कहा कि नफरत फैलाने वाले नेताओं के बेटे अंग्रोजी स्कूलों में, विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं और साधारण नौजवानों को नफरत का झंडा थमा रहे हैं। मनीष कश्यप के समर्थन में सोशल मीडिया में बिहार बंद का आह्वान किया गया था, जो जमीन पर नहीं दिखा। कहीं-कहीं दस-पांच युवाओं ने रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पुलिस के आते ही भाग खड़े हुए।

मुजफ्फरपुर राजद नेता किंग यादव ने कहा-ऐसे समर्थन होगा मनीष कश्यप का हमारे साहेबगंज में, पुलिस आई नहीं की सब नौ दो ग्यारह हो गए । बिहार में बिहार बंद को सफल केवल राजद के कार्यकर्ता ही कर सकते हैं क्योंकि वो पार्टी द्वारा बुलाये बंदी में पुलिस केस हो जाने के बाद भी मैदान में डटे रहते हैं। इन संघियों की तरह डरके भाग…।

क्या प्रशांत किशोर की कंपनी बिहार के युवाओं का शोषण कर रही

By Editor


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/naukarshahi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5420