माले नेता और IPF के पहले महासचिव राजाराम नहीं रहे

माले नेता और IPF के पहले महासचिव राजाराम नहीं रहे। पीएमसीएच में एक सितंबर की देर रात निधन। दीपंकर भट्टाचार्य पटना पहुंच रहे।

भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता का. राजाराम, 74 वर्ष का कल दिनांक 1 सितंबर 23 की रात 11 बजे पीएमसीएच में निधन हो गया। का. राजाराम बिहार राज्य स्थाई समिति के वर्तमान सदस्य, कंट्रोल कमीशन के पूर्व चेयरमैन, केंद्रीय कमिटी के पूर्व सदस्य, आईपीएफ के संस्थापक राष्ट्रीय महासचिव और 74 आंदोलन के नेता थे।

कई दिनों से उन्हें खांसी–बुखार और पेशाब में इन्फेक्शन था जिसका इलाज चल रहा था। 27 अगस्त 23 की रात में बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें पीएमसीएच इमर्जेंसी में भर्ती कराया गया। वे दमा के पुराने मरीज थे और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर भी था। कुछ साल पहले उनके प्रोस्टेट कैंसर का सफल ऑपरेशन दिल्ली एम्स में हुआ था। पीएमसीएच में भर्ती के दौरान पता चला कि उन्हें डायबिटीज भी हो चुका है।

का. राजाराम का पार्थिव शरीर 13 नंबर विधायक आवास, छज्जूबाग में दर्शन के लिए रखा गया है। 3 सितंबर, 23 को सुबह 10 बजे छज्जूबाग में ही श्रद्धांजलि सभा होगी और उसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी। श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने पार्टी महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य सहित अन्य नेता पटना पहुंच रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा राजाराम ने वामपंथ को मजबूत किया

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि राजाराम जी हिंदी भाषी क्षेत्र के वामपंथी आंदोलन में एक उल्लेखनीय शख़्सियत के रूप में याद किये जायेंगे। पिछड़े इलाक़े और पिछड़े समाज से आने वाले इस समर्पित संगठक और कार्यकर्ता ने अपने विचारों और मूल्यों पर कभी कोई समझौता नहीं किया। सादगी भरा जीवन जिया और सबके साथ हमेशा सहज और सह्रदय रहे। विचारों में ग़ज़ब की दृढ़ता और व्यवहार में सहज उदारता! वह जैसे अंदर थे, वैसे ही बाहर थे! कहीं से कोई दिखावा नहीं, किसी तरह का बनावटीपन नहीं!

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