मोहन यादव को CM बनाने पर बिहार BJP, JDU, RJD में घमासान

मोहन यादव को CM बनाने पर बिहार BJP, JDU, RJD में घमासान

मोहन यादव को CM बनाने पर बिहार BJP, JDU, RJD में घमासान। मप्र में यादव नेता को मुख्यमंत्री बनाने पर बिहार में भाजपा आक्रामक, जदयू-राजद ने दिया जवाब।

मध्य प्रदेश में भाजपा ने मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया है। कल से ही भाजपा इस मामले पर आक्रामक हो गई है और वह तेजस्वी यादव पर तंज कस रही है। भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि लालू-तेजस्वी के रहते वे बिहार में कोई यादव को मुख्यमंत्री नहीं बना सके, जबकि भाजपा ने मप्र में यादव को सीएम बना कर दिखा दिया।

जदयू नेता और राज्य के मंत्री जमा खान ने कहा कि भाजपा को बिहार के ओबीसी अच्छी तरह पहचानते हैं। बिहार में भी यादव को आगे करने का प्रयोग भाजपा कर चुकी है। उन्होंने पूछा कि भाजपा नेता नित्यानंद राय को भी कभी भाजपा ने आगे किया था, आज वे पार्टी में कहां है। मंत्री ने कहा कि मप्र में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का बिहार में कोई असर नहीं पड़ेगा। कहा कि भाजपा का जाति या धर्म का कोई भी कार्ड चलने वाला नहीं है।

इससे पहले राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि पटना में कहा कि जाति आधारित गणना और आरक्षण के दायरा बढ़ाने से BJP में घबराहट में है। इसलिए मध्य प्रदेश में यादव समाज से सीएम बनाया गया है। लालू यादव देश के सबसे बड़े ओबीसी का चेहरा हैं। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने देश की राजनीति को नया आयाम दिया। इसलिए आजकल कुछ राजनीतिक दल को बिना मन से ही फ़ैसला लेना पड़ रहा है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने भाजपा पर तंज सकते हुए कहा कि क्षुद्रनीति नहीं नीयत बदलिए। लालू जी के करिश्माई व्यक्तित्व और नीतीश जी एवं तेजस्वी जी के यशस्वी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा बिहार में कराए गए जातीय जनगणना का साइड इफेक्ट दिखाई पड़ने लगा है। लालू जी की करिश्माई राजनीति का ही असर है कि भाजपा को मोहन यादव और विष्णुदेव साय जैसे पिछड़े समाज के नेता को फ्रंट पर लाना पड़ा। बिहार में नित्यानंद राय और झारखंड में अन्नपूर्णा देवी को केंद्र सरकार में मिला सम्मान भी इसी की देन है। क्या बिहार के जातीय जनगणना में यादवों की संख्या बढ़ाये जाने का आरोप लगाकर दूसरी जातियों में भ्रम पैदा करने की चाल चलने वाली भाजपा अब मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में जातीय जनगणना कराकर अपने आरोपों को प्रमाणित करेगी या सार्वजनिक रूप से यादव समुदाय से माफी मांगेगी।

उधर उप्र में भी भाजपा के उत्साह पर सपा नेताओं ने ऐसी ही प्रतिक्रिया दी है। कहा कि मप्र में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने से उप्र की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिहार के साथ ही यूपी के भी विपक्षी नेताओं ने कहा कि भाजपा जाति गणना की मांग से घबराई हुई है और लोगों का ध्यान बंटाना चाहती है। लेकिन देश का ओबीसी भाजपा को अच्छी तरह से पहचानता है। पिछड़े, अतिपिछड़े तथा अल्पसंख्यक पूरी तरह सपा के साथ एकजुट हैं और वे भाजपा के झांसे में आनेवाले नहीं हैं।