NDA के 38 दलों में बड़ी फूट होगी जल्द, बयानबाजी शुरू

NDA के 38 दलों में बड़ी फूट होगी जल्द, बयानबाजी शुरू

NDA के 38 दलों में बड़ी फूट होगी जल्द, बयानबाजी शुरू। बिहार की हाजीपुर सीट पर अभी ही ठन गई। कई दलों ने समान नागरिक संहिता का कर दिया विरोध।

NDA के 38 दलों की बैठक के एक दिन बाद ही फूट की आशंका खड़ी हो गई है। लोजपा (रा) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अभी ही घोषणा कर दी है कि वे हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे। हाजीपुर उनके पिता की सीट रही है और इसे वे किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकते। उधर चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने कहा कि उनके बड़े भाई रामविलास पासवान ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया था। वे हाजीपुर के वर्तमान सांसद हैं और उनके पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। वे हाजीपुर से ही चुनाव लड़ेंगे। चाचा-भतीजा दोनों ही एनडीए में है। हाजीपुर सीट पर एनडीए में फूट पड़ गई है। किसी एक को इस सीट से वंचित करना भाजपा के लिए आसान नहीं है। अभी और भी कई सीटों पर विवाद की आशंका है।

वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी दो दिन पहले तक भाजपा के साथ थे। पांच महीना पहले केंद्र की मोदी सरकार ने मुकेश सहनी को वाई कैटगरी की सुरक्षा दी थी। लेकिन उन्हें कल दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक में बुलाया ही नहीं गया। मिल रही जानकारी के अनुसार वे मुंबई में थे और दिल्ली जाने के लिए तैयार बैठे थे, लेकिन बैठक के लिए आमंत्रण ही नहीं आया। मिल रही जानकारी के अनुसार मुकेश सहनी ने भाजपा नेतृत्व के समक्ष शर्त रखी थी कि 2024 लोकसभा चुनाव में जितनी सीटें चिराग पासवान को दी जाएगी, उतनी सीटें उन्हें बी चाहिए। मुकेश सहनी की इस शर्त पर भाजपा की सहमति नहीं बन पाई और उन्हें बुलाया ही नहीं। अब खबर है कि मुकेश सहनी आमंत्रण नहीं मिलने से नाराज हैं।

सीटों की हिस्सेदारी के अलावा एनडीए में फूट की एक बड़ी वजह समान नागरिक संस्था है। नगालैंड की राइजिंग पार्टी ने कह दिया है कि समान नागरिक संहिता लागू करने की कोशिश की गई, तो पार्टी एनडीए से अलग हो जाएगी। अकाली दल लंबे समय से भाजपा की सहयोगी पार्टी रही है, लेकिन कल दिल्ली में हुई बैठक में उसकी भागीदारी भी नहीं थी। अकाली दल ने साफ कर दिया है कि समान नागरिक संहिता पर वे भजपा से समहत नहीं हैं।

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