कर्पूरी जयंती पर बोले नीतीश हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बनाए रखें

कर्पूरी जयंती पर बोले नीतीश हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बनाए रखें

कर्पूरी जयंती पर बोले नीतीश हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बनाए रखें। पालतू मीडिया पर भी कसा तंज। देशभर में जाति गणना की मांग उठाई।

कर्पूरी ठाकुर की सौवीं जयंती पर वेटनरी ग्राउंड में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। कहा कि आपस में लड़ना नहीं है। मिल-जुल कर रहना है। उन्होंने पालतू मीडिया पर भी तंज कसा कि मेरे बारे में क्या-क्या लिखते रहते हैं। लेकिन आज सिर्फ कर्पूरी जी पर लिखिएगा। इससे पहले उन्होंने राज्य में पिछड़ों तथा अतिपिछड़ों के लिए अपने काम याद दिलाए।

पटना में भयानक ठंड के बावजूद वेटनरी ग्राउंड में भारी संख्या में जुटे लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के कार्यों को याद किया। उन्होंने ही पहली बार अतिपिछड़ों तथा पिछड़ों के लिए अलग-अलग आरक्षण तय किया था। पिछड़ों के लिए आठ प्रतिशत तथा अतिपिछड़ों के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण तय किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब कुछ लोगों ने विरोध किया था। उनकी सरकार गिरा दी। मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि किसने सरकार गिरा दी, लेकिन यह तथ्य है कि आज की भाजपा तब जनसंघ नाम से जानी जाती थी और जनसंघ ने कर्पूरी ठाकुर की सरकार गिराई थी।

नीतीश कुमार ने कहा कि वे बहुत पहले से कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग करते रहे हैं। आज उन्हें यह सम्मान मिला है। खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि 1990 में पहली बार हमलोगों ने कर्पूरी ठाकुर की जयंती सरकारी तौर पर मनाने का फैसला लिया। कर्पूरी जी के आवास को संरक्षित किया गया। उनके बेटे को आगे बढ़ाया। खुद कर्पूरी जी ने कभी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया। आज उनके लड़के रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के सदस्य हैं। पार्टी के महासचिव भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्पूरी जी की तरह उन्होंने भी कभी अपने परिवार को राजनीति में नहीं बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य में जाति गणना कराई। उसके परिणाम के अनुसार आरक्षण का कोटा बढ़ाया गया। अब हर गरीब को दो-दो लाख रुपए रोजगार करने के लिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जाति गणना पूरे देश में हो।

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