प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारा मन यह मानने को तैयार नहीं है कि वाजपेयी जी अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसी महान हस्ती थे, जिन्हें समाज के सभी वर्गों के लोग प्यार और आदर करते थे।
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नौकरशाही डेस्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों से श्री वाजपेयी की आवाज, जनता की आवाज बनी रही। एक वक्ता के रूप में वे बेजोड़ थे। मोदी ने कहा कि वे अपने देश के अब तक के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में शामिल हैं।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि श्री वाजपेयी लंबे अर्से तक विपक्ष में रहे, किन्तु उन्होंने हमेशा राष्ट्रीय हित की बातें ही कहीं। मोदी ने कहा कि श्री वाजपेयी लोकतन्त्र को शीर्ष स्थान पर देखते थे। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वाजपेयी जी हम सभी को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि अटल जी हमारे बीच नहीं है। यह बात हमारा मन मानने को तैयार नहीं होता है। शायद ही ऐसी कोई घटना हुई हो कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक मंच पर आठ-नौ साल तक कहीं नजर न आना, बीमारी की वजह से सारी गतिविधि सार्वजनिक जीवन की समाप्त हो गई, लेकिन उसके बाद इतने वर्षों के बाद, इतने बड़े gap के बाद एक प्रकार से सार्वजनिक जीवन में एक पीढ़ी बदल जाती है लेकिन उनकी विदाई को जिस प्रकार से देश ने आदर दिया, सम्मान दिया, देशवासियों ने उनकी विदाई को महसूस किया, यही उनके जीवन की सबसे बड़ी तपस्या का प्रकाशपुंज के रूप में हम अनुभव कर सकते हैं।
पीएम ने आगे कहा कि कल अटल जी की उनकी विदाई के बाद की पहली जन्म जयंती है। और उसके एक दिन पूर्व आज भारत सरकार की तरफ से एक स्मृति सिक्का 100 रुपये का आप सब के बीच, देशवासियों के बीच एक स्मृति के रूप में आज देने का अवसर मिला है। मैं नहीं मानता हूं कि यह 100 रुपये का सिक्का ही सिक्का है, क्योंकि अटल जी का सिक्का हम लोगों के दिलों पर पचास साल से ज्यादा समय चला है और जिसका सिक्का आगे भी चलने वाला है। और इसलिए जिसका जीवन भी एक सिक्का बन करके हमारी जिदंगी को चलाता रहा है, हम लोगों को प्रेरणा देता रहा है, उसको आज हम मेटल के अंदर भी चिरंजीव बनाने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। यह भी अटल जी के प्रति आदर व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है और इसके लिए हम सभी एक संतोष की अनुभूति करते हैं।